लाडकी बहिन योजना में सेंध! सरकार ने घटाया बजट, लाखों महिलाओं की बढ़ी चिंता Ladki Bahin Yojana

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महाराष्ट्र में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए शुरू की गई लाडकी बहिन योजना इन दिनों फिर चर्चा में है। इस योजना के जरिए राज्य की आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता दी जाती है। लेकिन हाल ही में पेश किए गए नए बजट में इस योजना के लिए आवंटित राशि में कमी की खबर सामने आई है, जिससे लाखों महिलाओं के मन में चिंता बढ़ गई है।

सरकारी बजट के अनुसार पहले इस योजना के लिए लगभग 36,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था, लेकिन नए वित्तीय वर्ष में इसे घटाकर लगभग 26,500 करोड़ रुपये कर दिया गया है। बजट में करीब 9,500 करोड़ रुपये की इस कमी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। महिलाओं और सामाजिक संगठनों के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या इससे लाभार्थियों की संख्या कम होगी या योजना के नियमों में बदलाव किया जाएगा।

लाडकी बहिन योजना क्या है और क्यों शुरू की गई थी

मुख्यमंत्री लाडकी बहिन योजना महाराष्ट्र सरकार की एक महत्वपूर्ण सामाजिक योजना है, जिसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता प्रदान करना है। इस योजना की शुरुआत जुलाई 2024 में की गई थी। सरकार का मानना था कि यदि महिलाओं को हर महीने एक निश्चित आर्थिक सहायता दी जाए तो इससे उनके दैनिक खर्चों को पूरा करने में मदद मिलेगी और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने सीधे उनके बैंक खाते में आर्थिक सहायता ट्रांसफर की जाती है। यह राशि महिलाओं के लिए एक तरह का वित्तीय सहारा बन गई है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं के लिए यह योजना काफी उपयोगी साबित हुई है क्योंकि इससे उन्हें घर के छोटे-मोटे खर्चों को संभालने में मदद मिलती है और आर्थिक आत्मनिर्भरता बढ़ती है।

बजट में कटौती क्यों की गई और क्या है नया प्रावधान

हाल ही में राज्य सरकार द्वारा पेश किए गए बजट में लाडकी बहिन योजना के लिए आवंटित राशि को कम कर दिया गया है। पहले जहां इस योजना के लिए करीब 36,000 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया था, वहीं अब इसे घटाकर लगभग 26,500 करोड़ रुपये कर दिया गया है। बजट में लगभग 9,500 करोड़ रुपये की इस कमी ने योजना को लेकर नई बहस शुरू कर दी है।

सरकार का कहना है कि बजट में किया गया यह बदलाव योजना को बंद करने के लिए नहीं बल्कि इसे अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए किया गया है। अधिकारियों के अनुसार सत्यापन प्रक्रिया के बाद कुछ अपात्र लाभार्थियों को सूची से हटाया गया है, जिसके कारण कुल बजट की आवश्यकता कम हो गई है। हालांकि इस फैसले के बाद भी कई लोग योजना के भविष्य को लेकर चिंतित दिखाई दे रहे हैं।

लाभार्थियों की संख्या में बदलाव और सत्यापन अभियान

नए बजट के अनुसार लाडकी बहिन योजना के तहत लगभग 1.53 करोड़ महिलाओं को लाभ मिलने का अनुमान लगाया गया है। यह संख्या पहले की तुलना में थोड़ी कम बताई जा रही है। सरकार ने हाल ही में एक व्यापक सत्यापन अभियान चलाया था, जिसमें लाभार्थियों के दस्तावेज और पात्रता की जांच की गई थी। इस जांच का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि केवल योग्य महिलाओं को ही योजना का लाभ मिले।

सत्यापन प्रक्रिया के दौरान कई ऐसे नाम सूची से हटाए गए जिन्हें योजना की पात्रता शर्तों के अनुसार योग्य नहीं पाया गया। सरकार का कहना है कि इस कदम से योजना अधिक पारदर्शी बनेगी और सरकारी धन का सही उपयोग हो सकेगा। हालांकि लाभार्थियों की संख्या में कमी की खबर से कई महिलाओं के मन में यह सवाल भी उठ रहा है कि कहीं आगे और भी बदलाव तो नहीं किए जाएंगे।

हर महीने मिलने वाली आर्थिक सहायता और संभावित बदलाव

लाडकी बहिन योजना के तहत वर्तमान में पात्र महिलाओं को हर महीने लगभग 1,500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि सीधे उनके बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है, जिससे उन्हें घरेलू खर्चों में मदद मिलती है। पहले यह भी चर्चा थी कि इस सहायता राशि को बढ़ाकर 2,100 रुपये प्रति माह किया जा सकता है, लेकिन अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

यदि प्रति महिला 1,500 रुपये की मासिक सहायता दी जाती है तो पूरे वर्ष में इस योजना के लिए बड़ी राशि की आवश्यकता होती है। अनुमान लगाया जाता है कि लगभग 27,000 करोड़ रुपये के आसपास बजट की जरूरत होती है। यही कारण है कि सरकार को समय-समय पर बजट और लाभार्थियों की संख्या को संतुलित करना पड़ता है ताकि योजना को लंबे समय तक चलाया जा सके।

महिलाओं के लिए इस योजना का सामाजिक और आर्थिक महत्व

लाडकी बहिन योजना कई महिलाओं के लिए आर्थिक सुरक्षा का एक महत्वपूर्ण साधन बन चुकी है। नियमित रूप से मिलने वाली आर्थिक सहायता से महिलाएं अपने परिवार के दैनिक खर्चों में योगदान दे पाती हैं। ग्रामीण और निम्न आय वर्ग की महिलाओं के लिए यह सहायता विशेष रूप से उपयोगी है क्योंकि इससे उन्हें आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिलता है।

इसके अलावा इस तरह की योजनाएं महिलाओं को सामाजिक रूप से भी सशक्त बनाती हैं। जब महिलाओं के पास खुद की आय होती है तो उनके निर्णय लेने की क्षमता बढ़ती है और परिवार में उनका सम्मान भी बढ़ता है। यही कारण है कि लाडकी बहिन योजना को महाराष्ट्र में महिला कल्याण की महत्वपूर्ण योजनाओं में से एक माना जाता है और इसके बजट में बदलाव को लेकर लगातार चर्चा हो रही है।

Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। लाडकी बहिन योजना से जुड़े नियम, पात्रता, बजट और लाभ की राशि समय-समय पर महाराष्ट्र सरकार द्वारा बदली जा सकती है। किसी भी आधिकारिक और अंतिम जानकारी के लिए राज्य सरकार की आधिकारिक वेबसाइट या संबंधित विभाग से पुष्टि अवश्य करें। इस लेख में दी गई जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय पाठक की अपनी जिम्मेदारी होगी।

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