पशुपालन विभाग तैयार करेगा पशुओं और पशुपालकों का डिजिटल डेटाबेस, एनडीएलएम पोर्टल पर मिलेगी पूरी जानकारी

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पशुओं का बनेगा डिजिटल रिकॉर्ड: नेशनल डिजिटल लाइव स्टॉक मिशन के तहत शुरू होगी नई व्यवस्था

पशुपालन क्षेत्र को आधुनिक और व्यवस्थित बनाने के लिए सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब पशुओं से जुड़ी सभी जानकारी डिजिटल रूप में सुरक्षित की जाएगी। इसके लिए पशुपालन विभाग ने नेशनल डिजिटल लाइव स्टॉक मिशन (एनडीएलएम) पोर्टल पर पशुओं और पशुपालकों का पूरा डेटा तैयार करने की योजना बनाई है। इस पहल का उद्देश्य पशुधन से जुड़ी जानकारी को एक जगह उपलब्ध कराना और पशुओं के स्वास्थ्य व प्रबंधन को बेहतर बनाना है।

एनडीएलएम पोर्टल पर अपलोड होगा पूरा डेटा

इस योजना के तहत पशुओं और पशुपालकों से संबंधित सभी जरूरी जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज की जाएगी। इसमें पशुपालक का नाम, पता, मोबाइल नंबर और आधार से जुड़ी जानकारी शामिल होगी। साथ ही पशु की नस्ल, उम्र, टीकाकरण की स्थिति और किसी बीमारी से जुड़ी जानकारी भी पोर्टल पर उपलब्ध रहेगी। इस डिजिटल रिकॉर्ड से पशुओं के स्वास्थ्य की निगरानी करना आसान हो जाएगा और समय पर इलाज की सुविधा भी बेहतर तरीके से मिल सकेगी।

पंचायत सचिव की होगी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी

गांवों में पशुओं का पूरा रिकॉर्ड रखने की जिम्मेदारी पंचायत सचिव को दी जाएगी। यदि कोई पशुपालक नया पशु खरीदता है या किसी पशु को बेचता है, तो उसकी जानकारी भी रिकॉर्ड में दर्ज करनी होगी। इससे गांव स्तर पर पशुधन की सही संख्या और स्थिति का पता चलता रहेगा। यह व्यवस्था पशुपालन से जुड़े आंकड़ों को व्यवस्थित रखने में मदद करेगी।

ग्राम से जिला स्तर तक होगी निगरानी

इस योजना के तहत डेटा फीडिंग की प्रक्रिया कई स्तरों पर पूरी की जाएगी। सबसे पहले ग्राम स्तर पर पशुओं की जानकारी एकत्र की जाएगी। इसके बाद ब्लॉक स्तर पर पशु चिकित्सक इस डेटा की जांच करेंगे। इसके अलावा तहसील और जिला स्तर पर भी निगरानी समितियां बनाई जाएंगी जो पूरे काम की देखरेख करेंगी। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी जानकारी सही और समय पर पोर्टल पर अपलोड हो।

पशुओं के स्वास्थ्य और प्रबंधन में मिलेगा लाभ

डिजिटल डेटा बेस तैयार होने से पशुओं के स्वास्थ्य प्रबंधन में काफी सुधार आएगा। किसी पशु को कब टीका लगा, उसकी उम्र क्या है और उसे पहले कौन-कौन सी बीमारियां हुई हैं, इसकी पूरी जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध रहेगी। इससे पशु चिकित्सकों को इलाज करने में आसानी होगी और बीमारी फैलने की स्थिति में समय रहते जरूरी कदम उठाए जा सकेंगे।

पशुपालकों को भी मिलेगी सुविधा

इस डिजिटल प्रणाली से पशुपालकों को भी काफी फायदा होगा। पशुओं से जुड़ी सभी जानकारी एक ही पोर्टल पर उपलब्ध होने से उन्हें अलग-अलग जगहों पर जानकारी देने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसके अलावा सरकार को भी पशुधन की वास्तविक स्थिति का पता चल सकेगा, जिससे भविष्य की योजनाएं बेहतर तरीके से बनाई जा सकेंगी।

डिस्क्लेमर:

यह लेख उपलब्ध जानकारी के आधार पर सामान्य सूचना देने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें दी गई जानकारी समय के साथ बदल सकती है। किसी भी योजना से संबंधित सटीक और आधिकारिक जानकारी के लिए संबंधित सरकारी विभाग या आधिकारिक पोर्टल की पुष्टि करना आवश्यक है।

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