महिला दिवस पर आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को बड़ा तोहफा: साड़ी-यूनिफॉर्म, बीमा और आयुष्मान कार्ड की सुविधा
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इस खास मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिलाओं को सम्मान और सुरक्षा देने के उद्देश्य से साड़ी-यूनिफॉर्म, बीमा और आयुष्मान कार्ड जैसी सुविधाएं प्रदान करने की घोषणा की। इस पहल का उद्देश्य आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत बनाना है, ताकि वे समाज में अपनी भूमिका को और बेहतर तरीके से निभा सकें।
डीबीटी के माध्यम से खातों में भेजी गई धनराशि
कार्यक्रम के दौरान सरकार की ओर से डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से कुल 38.49 करोड़ रुपये की राशि सीधे आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के बैंक खातों में भेजी गई। इस आर्थिक सहायता से हजारों महिलाओं को लाभ मिला है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं और सरकार उनके मानदेय में वृद्धि करने के लिए भी प्रयास कर रही है। उन्होंने भविष्य में मानदेय बढ़ाने का आश्वासन दिया, जिससे इन कार्यकर्ताओं की आर्थिक स्थिति और बेहतर हो सके।
महिलाओं से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संवाद
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने वाराणसी, चंदौली, गाजीपुर और जौनपुर जिलों की 600 से अधिक महिलाओं के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बातचीत भी की। इस संवाद के दौरान कई महिलाओं ने अपनी सफलता की कहानियां साझा कीं और बताया कि सरकारी योजनाओं से उन्हें आत्मनिर्भर बनने में किस तरह मदद मिली है।
सरकारी योजनाओं से बदली महिलाओं की जिंदगी
वाराणसी की सीता देवी ने बताया कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत उन्होंने ई-रिक्शा चलाने का काम शुरू किया। उन्होंने केवल खुद ही रोजगार नहीं पाया बल्कि अपने क्षेत्र की लगभग 250 महिलाओं को भी ई-रिक्शा चलाने का प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया। गाजीपुर की प्रमिला देवी ने बताया कि वे एक प्राथमिक विद्यालय में रसोइया के रूप में कार्य करती हैं और इस काम से अपने परिवार का भरण-पोषण कर रही हैं।
चंदौली जिले की सोनी कुमारी ने फूलों की खेती के माध्यम से अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने बताया कि वे महिला समूहों के जरिए क्षेत्र की अन्य महिलाओं को भी इस कार्य से जोड़ रही हैं और उन्हें स्वावलंबी बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं। वहीं जौनपुर की दुर्गा मौर्य ने बताया कि वे ड्रोन दीदी के रूप में काम कर रही हैं और उद्योग विभाग से ऋण लेकर नमकीन बनाने की एक छोटी फैक्ट्री भी स्थापित की है, जिससे कई महिलाओं को रोजगार के अवसर मिल रहे हैं।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
इस कार्यक्रम के माध्यम से सरकार ने यह संदेश देने की कोशिश की कि महिलाओं को सशक्त बनाना समाज के विकास के लिए बेहद जरूरी है। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को दी गई सुविधाएं और आर्थिक सहायता उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में मददगार साबित हो सकती हैं। साथ ही यह पहल अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करेगी।
डिस्क्लेमर: यह लेख उपलब्ध जानकारी के आधार पर सामान्य सूचना प्रदान करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें दी गई जानकारी समय के साथ बदल सकती है। किसी भी योजना या सरकारी घोषणा से संबंधित सटीक और आधिकारिक जानकारी के लिए संबंधित सरकारी विभाग या आधिकारिक स्रोत की पुष्टि करना आवश्यक है।


































