इस साल के मानसून को लेकर किसानों की चिंता बढ़ सकती है, क्योंकि विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) ने प्रशांत महासागर के तापमान में वृद्धि और ‘अल नीनो’ (El Nino) के सक्रिय होने की संभावना जताई है। हालांकि, मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि किसानों को अभी घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि ये शुरुआती अनुमान हैं और आने वाले समय में इनमें बदलाव हो सकता है।
क्या है विश्व मौसम विज्ञान संगठन का अनुमान?
संयुक्त राष्ट्र की आधिकारिक मौसम एजेंसी, विश्व मौसम विज्ञान संगठन के अनुसार, वर्तमान में ‘ला नीना’ की स्थिति कमजोर हो रही है। अनुमान है कि मई से जुलाई 2026 के बीच प्रशांत महासागर के तापमान में बढ़ोतरी होगी, जिससे अल नीनो के सक्रिय होने की 40% संभावना है। वहीं, मार्च से मई के दौरान मौसम के ‘तटस्थ’ (Neutral) रहने की संभावना 60% से 70% तक जताई गई है।
मानसून और खेती पर अल नीनो का प्रभाव
अल नीनो एक ऐसी खगोलीय घटना है जिसके कारण प्रशांत महासागर की सतह का तापमान बढ़ जाता है। इसका सीधा असर हवा के दबाव और बारिश के वितरण पर पड़ता है। भारत के संदर्भ में, अल नीनो को मानसून के लिए अच्छा नहीं माना जाता है, क्योंकि इससे मानसून कमजोर पड़ता है और सूखे जैसी स्थिति पैदा होने का खतरा बढ़ जाता है। साल 2023 में भी अल नीनो के कारण उत्पादन में गिरावट आई थी और किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ा था।
क्या किसानों को डरने की जरूरत है?
विशेषज्ञों के मुताबिक, मार्च से मई के बीच जारी किए गए पूर्वानुमानों की सटीकता अक्सर कम होती है क्योंकि इस दौरान समुद्र और वातावरण में तेजी से बदलाव हो रहे होते हैं। इसे मौसम विज्ञान की भाषा में ‘बोरियल स्प्रिंग प्रेडिक्टिबिलिटी बैरियर’ कहा जाता है। इसलिए, वर्तमान संकेतों को अंतिम नहीं माना जाना चाहिए। सितंबर के बाद या साल के अंत में अल नीनो के अधिक सक्रिय होने की संभावना जताई जा रही है।
तापमान में बढ़ोतरी के संकेत
भले ही अल नीनो को लेकर अभी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट न हो, लेकिन वैश्विक संकेतों से पता चलता है कि मार्च से मई 2026 के दौरान जमीनी तापमान औसत से अधिक रहने की संभावना है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) जल्द ही मानसून का पहला आधिकारिक पूर्वानुमान जारी करेगा, जिससे स्थिति और अधिक स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल, किसानों को सलाह दी गई है कि वे केवल विश्वसनीय स्रोतों और आधिकारिक मौसम बुलेटिन पर ही भरोसा करें।






























