वर्ष 2026 का सबसे बड़ा सूर्य ग्रहण: साढ़े सात घंटे तक चलेगा खगोलीय सिलसिला, जानें समय और प्रभाव

5
वर्ष 2026 का सबसे बड़ा सूर्य ग्रहण
Advertisement

खगोल प्रेमियों के लिए साल 2026 अद्भुत खगोलीय घटनाओं का वर्ष होने वाला है। इस साल का सबसे बड़ा सूर्य ग्रहण अगस्त महीने में लगने जा रहा है। यह ग्रहण न केवल अपनी लंबी अवधि के कारण चर्चा में है, बल्कि इसी महीने में ‘ब्लड मून’ चंद्र ग्रहण का नजारा भी देखने को मिलेगा।

12 अगस्त को पूर्ण सूर्य ग्रहण

साल 2026 का दूसरा सूर्य ग्रहण 12 अगस्त को लगेगा। यह एक ‘पूर्ण सूर्य ग्रहण’ होगा। हालांकि पूर्ण ग्रहण की स्थिति कुछ ही मिनटों के लिए रहती है, लेकिन ग्रहण की पूरी प्रक्रिया काफी लंबी होगी। भारतीय समयानुसार, यह ग्रहण 12 अगस्त की रात 9:04 बजे शुरू होगा और 13 अगस्त की सुबह 4:25 बजे समाप्त होगा। इस प्रकार इसकी कुल अवधि लगभग साढ़े सात घंटे की होगी।

भारत में दृश्यता और सूतक काल

यह सूर्य ग्रहण ग्रीनलैंड, आइसलैंड, स्पेन और आर्कटिक क्षेत्रों में दिखाई देगा। भारत में ग्रहण के समय रात होने के कारण यह यहाँ दिखाई नहीं देगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जहाँ ग्रहण दिखाई नहीं देता, वहाँ उसका ‘सूतक काल’ भी मान्य नहीं होता है। इसलिए भारत में सूतक काल के नियमों का पालन करने की आवश्यकता नहीं होगी।

ज्योतिषीय और सामाजिक दृष्टिकोण

विशेषज्ञों के अनुसार, यह ग्रहण कर्क और सिंह राशि के प्रभाव क्षेत्र में लग रहा है। भारत के संदर्भ में यह ग्रहण तृतीय भाव से संबंधित है, जिसका जुड़ाव सीमावर्ती देशों और रक्षा प्रणाली से होता है। इसके चलते अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर तनाव या रक्षा क्षेत्र में बड़े निर्णयों की संभावना जताई जा रही है। साथ ही, सामाजिक स्तर पर राष्ट्रवादी भावनाओं और भावनात्मक प्रतिक्रियाओं में वृद्धि देखी जा सकती है।

28 अगस्त को दिखेगा ‘ब्लड मून’

सूर्य ग्रहण के कुछ ही दिनों बाद 28 अगस्त 2026 को चंद्र ग्रहण भी लगेगा। इस दौरान पृथ्वी की छाया चंद्रमा के 93 प्रतिशत हिस्से को ढक लेगी, जिससे चंद्रमा लाल रंग का दिखाई देगा। इसे ‘ब्लड मून’ कहा जाता है। यह ग्रहण सुबह 6:53 बजे शुरू होकर दोपहर 12:35 बजे समाप्त होगा। सूर्य ग्रहण की तरह यह चंद्र ग्रहण भी भारत में दिखाई नहीं देगा, क्योंकि उस समय यहाँ सुबह हो चुकी होगी। यह मुख्य रूप से अमेरिका, यूरोप और अफ्रीका के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा।

Advertisement