मौसम का मिजाज बदला भारी बारिश, आंधी का अलर्ट

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मौसम का मिजाज बदला
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बिहार के मौसम में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र, पटना के अनुसार, पश्चिमी हिमालय क्षेत्रों में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुआ है, जिसका सीधा असर बिहार के कई जिलों पर पड़ेगा। अगले 24 से 48 घंटों के दौरान राज्य के अधिकांश हिस्सों में आंशिक बादल छाए रहने की संभावना है। विभाग ने मेघ गर्जन, आंधी और बिजली गिरने (वज्रपात) को लेकर ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। इस दौरान हवा की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक रह सकती है, जो तपती गर्मी से अस्थायी राहत दिलाएगी।

विशेष रूप से उत्तर और पूर्वी बिहार के जिलों जैसे सीतामढ़ी, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, वैशाली, शिवहर और समस्तीपुर में मौसम का मिजाज बिगड़ने के आसार हैं। इसके अलावा सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार और भागलपुर जैसे शहरों में भी तेज हवाओं के साथ छिटपुट वर्षा की चेतावनी दी गई है। राजधानी पटना सहित दक्षिण बिहार के कुछ हिस्सों में भी बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। मौसम विभाग का अनुमान है कि 9 मार्च से 11 मार्च तक राज्य के अलग-अलग भागों में रुक-रुक कर बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां जारी रहेंगी।

तापमान की बात करें तो अगले पांच दिनों तक अधिकतम तापमान में कोई बड़ा उछाल आने की संभावना नहीं है। बारिश और बादलों के कारण पारे में हल्की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे मौसम सामान्य बना रहेगा। हाल ही में पटना का अधिकतम तापमान 32.9° सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि कैमूर में यह सबसे अधिक 34.8° सेल्सियस तक पहुँचा। दिलचस्प बात यह है कि पटना का न्यूनतम तापमान पिछले 15 वर्षों के रिकॉर्ड को तोड़ते हुए सामान्य से 8 डिग्री अधिक (23.4° सेल्सियस) दर्ज किया गया है, जो इस साल की शुरुआती गर्मी की तीव्रता को दर्शाता है।

मौसम में आ रहे इस बदलाव को देखते हुए किसानों और आम जनता को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। आंधी और वज्रपात के समय ऊंचे पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें और सुरक्षित स्थानों पर रहें। हालांकि, यह बारिश खेतों के लिए और धूल भरी हवाओं से निजात दिलाने में सहायक सिद्ध हो सकती है, लेकिन अचानक आने वाली आंधी से जान-माल के नुकसान का खतरा भी बना रहता है। पल-पल बदलते मौसम के अपडेट्स के लिए स्थानीय मौसम केंद्र की चेतावनियों पर नजर बनाए रखें।

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