भारत के मौसम चक्र में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है, जिसके कारण उत्तर भारत समेत मध्य और पूर्वी भारत के कई राज्यों में धूल भरी आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की संभावना बन रही है। स्कायमेट के मौसम विशेषज्ञ महेश पलावत के अनुसार, वर्तमान में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) और अरब सागर से आने वाली नमी के कारण वायुमंडल पर गहरा असर पड़ रहा है। पिछले कुछ दिनों से दिल्ली-एनसीआर और उत्तर भारत के आसमान में छाई धूल और धुंध के पीछे राजस्थान और पाकिस्तान के रेगिस्तानी इलाकों से आए धूल के गुबार जिम्मेदार हैं। हवा की गति कम होने के कारण यह धूल एक ही जगह ठहर गई है, जिससे दृश्यता (visibility) पर भी असर पड़ा है।
ईरान संघर्ष और ‘एसिड रेन’ की अफवाहों पर मौसम विभाग का स्पष्टीकरण
सोशल मीडिया पर इन दिनों एक संदेश तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि ईरान में तेल रिफाइनरियों पर हुए हमलों से उठा रासायनिक धुआं और बादल भारत की ओर आ रहे हैं, जिससे ‘एसिड रेन’ (अम्ल वर्षा) हो सकती है। हालांकि, मौसम विशेषज्ञों ने इन सभी दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान भारत से लगभग 2500 से 3000 किलोमीटर दूर है और ऊपरी वायुमंडल में हवाओं की दिशा ताजिकिस्तान और तुर्कमेनिस्तान की ओर है। तकनीकी रूप से ईरान का धुआं या बादल भारत तक पहुंचने की कोई संभावना नहीं है, इसलिए नागरिकों को ऐसी किसी भी अफवाह पर ध्यान नहीं देना चाहिए।
महाराष्ट्र और विदर्भ सहित इन राज्यों के लिए बारिश का अलर्ट
आगामी 15 मार्च के आसपास देश के कई हिस्सों में प्री-मानसून (Pre-Monsoon) गतिविधियों की शुरुआत होने वाली है। महाराष्ट्र के विदर्भ और मराठवाड़ा के लिए यह समय काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि नागपुर, अकोला, वाशिम, भंडारा, अमरावती, हिंगोली, लातूर और जालना जैसे जिलों में 15 मार्च के आसपास गरज-चमक के साथ बारिश और धूल भरी आंधी चलने की प्रबल संभावना है। इसी दौरान छत्तीसगढ़ के बस्तर सहित दक्षिणी हिस्सों और मध्य प्रदेश के गुना, शिवपुरी क्षेत्रों में भी मौसम बदलेगा। उत्तर भारत में दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और राजस्थान के जयपुर, अजमेर बेल्ट में तेज हवाओं के साथ बारिश के आसार जताए गए हैं।
भीषण गर्मी और किसानों के लिए खतरे की घंटी
वर्तमान में गुजरात और राजस्थान के कुछ हिस्सों में पारा 41 से 42 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है, जिससे वहां भीषण लू (Heat Wave) की स्थिति बनी हुई है। दिल्ली और मुंबई में भी तापमान सामान्य से 6 से 7 डिग्री अधिक दर्ज किया जा रहा है। मौसम विशेषज्ञों ने किसानों के लिए चिंताजनक चेतावनी जारी की है, क्योंकि वर्तमान में कई जगहों पर रबी फसलों की कटाई का काम चल रहा है। ऐसे समय में अचानक आने वाली आंधी और बारिश से फसलों को भारी नुकसान हो सकता है। इसलिए किसानों को सलाह दी गई है कि वे मौसम के पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए अपनी कटी हुई फसलों का उचित प्रबंधन करें।
































