PM Kisan Samman Nidhi : किसानों के लिए 13 मार्च खुशखबरी या चिंता? बिना फार्मर रजिस्ट्री वालों का क्या होगा

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PM किसान योजना की 22वीं किस्त: 13 मार्च को मिल सकते हैं ₹2000, लेकिन फार्मर रजिस्ट्री बनी बड़ी शर्त

किसानों के लिए अहम हो सकती है 13 मार्च की तारीख
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थी किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर सामने आ रही है। लंबे समय से अगली किस्त का इंतजार कर रहे करोड़ों किसानों को जल्द राहत मिल सकती है। जानकारी के अनुसार योजना की 22वीं किस्त 13 मार्च 2026 को जारी होने की संभावना जताई जा रही है। यह वर्ष 2026 की पहली किस्त होगी, जिसके तहत पात्र किसानों के बैंक खाते में 2000 रुपये सीधे ट्रांसफर किए जा सकते हैं। सरकार इस राशि को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर यानी डीबीटी के माध्यम से किसानों के खातों में भेजती है।

फार्मर रजिस्ट्री इस बार बनी सबसे जरूरी शर्त
इस बार की किस्त को लेकर सबसे बड़ा मुद्दा फार्मर रजिस्ट्री से जुड़ा हुआ है। सरकार ने योजना में पारदर्शिता बढ़ाने और फर्जी लाभार्थियों को रोकने के लिए किसानों की डिजिटल रजिस्ट्री को अनिवार्य बना दिया है। जिन किसानों ने अपनी जमीन का सत्यापन, आधार सीडिंग और ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी कर ली है तथा यूनिक फार्मर आईडी बनवा ली है, उन्हें ही इस बार की किस्त का लाभ मिलने की संभावना है। जिन किसानों ने अभी तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं की है, उनकी किस्त रुक सकती है।

बिहार में रजिस्ट्री की रफ्तार अभी भी धीमी
बिहार राज्य में अभी भी बड़ी संख्या में किसान ऐसे हैं जिन्होंने फार्मर रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी नहीं की है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार राज्य में लगभग 73 लाख किसान योजना के पात्र माने जाते हैं। हालांकि ई-केवाईसी और अन्य सत्यापन के बाद यह संख्या बदल सकती है। रिपोर्ट्स बताती हैं कि अब तक केवल लगभग 45 से 50 प्रतिशत किसानों ने ही फार्मर रजिस्ट्री का काम पूरा किया है, जिससे कई किसानों के सामने किस्त मिलने को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

कई जिलों में तकनीकी और दस्तावेजी समस्याएं
उत्तर बिहार के कई जिलों में रजिस्ट्री की प्रक्रिया अपेक्षा से धीमी चल रही है। मुजफ्फरपुर, दरभंगा और चंपारण जैसे क्षेत्रों में अभी तक करीब 40 से 55 प्रतिशत किसानों की ही डिजिटल रजिस्ट्री पूरी हो पाई है। कुछ जिलों में भूमि से जुड़े दस्तावेज स्पष्ट न होने के कारण भी प्रक्रिया में देरी हो रही है। इसके अलावा आधार और मोबाइल नंबर को लिंक करने में आ रही तकनीकी समस्याएं भी किसानों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई हैं।

सरकार की कोशिश और किसानों के लिए संदेश
राज्य सरकार और कृषि विभाग किसानों को रजिस्ट्री प्रक्रिया से जोड़ने के लिए पंचायत स्तर पर विशेष शिविर आयोजित कर रहे हैं। इन शिविरों के माध्यम से किसानों को जरूरी दस्तावेजों की जांच और डिजिटल पंजीकरण में सहायता दी जा रही है। अधिकारियों ने साफ कहा है कि जिन किसानों की यूनिक फार्मर आईडी तैयार नहीं होगी, उन्हें इस बार की 2000 रुपये की किस्त से वंचित रहना पड़ सकता है।

डिस्क्लेमर
यह लेख उपलब्ध समाचार जानकारी और रिपोर्ट्स के आधार पर तैयार किया गया है और केवल सामान्य सूचना प्रदान करने के उद्देश्य से लिखा गया है। योजना से जुड़ी तारीख, नियम या प्रक्रिया समय के साथ बदल सकती है। किसी भी अंतिम निर्णय या आधिकारिक जानकारी के लिए संबंधित सरकारी पोर्टल या विभाग की पुष्टि अवश्य करें।

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