सदी का दूसरा सबसे लंबा सूर्य ग्रहण: ६ मिनट २२ सेकंड तक अंधेरे में डूबेगी धरती, जानें कब दिखेगा यह दुर्लभ नजारा

2
सदी का दूसरा सबसे लंबा सूर्य ग्रहण
Advertisement

खगोल विज्ञान और ज्योतिष शास्त्र की दुनिया में साल २०२६एक ऐतिहासिक घटना का गवाह बनने जा रहा है। २१वीं सदी का दूसरा सबसे लंबा पूर्ण सूर्य ग्रहण २ अगस्त २०२६ को लगने वाला है। इस खगोलीय घटना के दौरान चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह से ढंक लेगा, जिससे दिन के समय ही धरती पर रात जैसा अंधेरा छा जाएगा। वैज्ञानिकों और ज्योतिषियों की नजरें अभी से इस दुर्लभ घटना पर टिकी हुई हैं।

६ मिनट से ज्यादा समय तक रहेगा पूर्ण ग्रहण

२०२७ में लगने वाला यह सूर्य ग्रहण विशेष इसलिए है क्योंकि इसकी अवधि ६ मिनट २२ सेकंड तक रहने वाली है। इतनी लंबी अवधि का सूर्य ग्रहण २१वीं सदी में बहुत कम देखने को मिला है। इससे पहले २२ जुलाई २००९ को सदी का सबसे लंबा सूर्य ग्रहण लगा था, जो ६ मिनट ३९ सेकंड तक चला था। २०२६ के बाद ऐसा ही नजारा साल २११४ में देखने को मिलेगा, जो इसे बेहद खास बनाता है।

भारत में आंशिक, इन देशों में दिखेगा पूर्ण नजारा

यह सूर्य ग्रहण मुख्य रूप से स्पेन, मिस्र, सऊदी अरब, लीबिया, ट्यूनीशिया, यमन, मोरक्को, सूडान, सोमालिया, अल्जीरिया और जिब्राल्टर जैसे ११ देशों में पूर्ण रूप से दिखाई देगा। भारत की बात करें तो यहाँ यह ग्रहण पूर्ण रूप से नहीं बल्कि केवल आंशिक रूप से ही दिखाई देगा। पूर्ण सूर्य ग्रहण के दौरान इन ११ देशों में दिन में ही तारे नजर आने लगेंगे और तापमान में भी गिरावट महसूस होगी।

खगोलीय और धार्मिक महत्व

विज्ञान के अनुसार, सूर्य ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच आ जाता है, जिससे सूर्य की किरणें धरती तक नहीं पहुँच पातीं। यह घटना हमेशा अमावस्या के दिन ही होती है। हालांकि विज्ञान के लिए यह एक दुर्लभ और शोध का विषय है, लेकिन धार्मिक दृष्टि से सूर्य ग्रहण को अशुभ माना जाता है। २०२६ में भी १७ फरवरी को सूर्य ग्रहण लग चुका है और अगला १२ अगस्त २०२६ को लगने वाला है, लेकिन २०२६ का ग्रहण अपनी लंबी अवधि के कारण सबसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Advertisement