बिहार में राशन कार्ड धारकों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। केंद्र और राज्य सरकार के निर्देशों के बाद, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना सहित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत वितरित किए जाने वाले ‘फोर्टिफाइड चावल’ की आपूर्ति फिलहाल अस्थायी रूप से बंद कर दी गई है। इस निर्णय के लागू होने के बाद मार्च महीने के बाद राशन कार्ड धारकों को सरकारी राशन की दुकानों से फोर्टिफाइड चावल नहीं मिल सकेगा।
विभागीय निर्देशों के बाद आपूर्ति स्थगित
बिहार स्टेट फूड एंड सिविल सप्लाई कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने इस संबंध में आधिकारिक पत्र जारी कर आपूर्ति रोकने के निर्देश दिए हैं। विभाग की ओर से प्रमंडलीय आयुक्त, जिलाधिकारियों और जिला आपूर्ति पदाधिकारियों को स्पष्ट आदेश दिया गया है कि अगले आदेश तक फोर्टिफाइड चावल का वितरण बंद रखा जाए। यह व्यवस्था 27 फरवरी 2026 को जारी निर्देशों के आलोक में लागू की गई है। विभागीय स्तर पर अब नई व्यवस्था को लेकर सरकार के अगले आदेश का इंतजार किया जा रहा है।
राशन कार्ड धारकों को अन्य अनाज मिलता रहेगा
फोर्टिफाइड चावल की आपूर्ति बंद होने के बावजूद उपभोक्ताओं को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि राशन कार्ड धारकों को मिलने वाले अन्य निर्धारित अनाज, जैसे सामान्य चावल और गेहूं की आपूर्ति पहले की तरह ही जारी रहेगी। इससे सुनिश्चित किया जाएगा कि लाभार्थियों को खाद्यान्न प्राप्त करने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
क्या है फोर्टिफाइड चावल और इसका महत्व?
फोर्टिफाइड चावल साधारण चावल की तुलना में अधिक पौष्टिक होता है। इसमें आयरन, फोलिक एसिड और विटामिन B12 जैसे आवश्यक पोषक तत्व मिलाए जाते हैं। इन पोषक तत्वों की उपस्थिति के कारण यह चावल कुपोषण और एनीमिया (खून की कमी) जैसी स्वास्थ्य समस्याओं से लड़ने में बेहद सहायक माना जाता है। सरकार जन वितरण प्रणाली (PDS) के माध्यम से इसे गरीब और जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचा रही थी ताकि उनके पोषण स्तर में सुधार हो सके।
फिलहाल इस आपूर्ति को रोकने के पीछे के तकनीकी कारणों और भविष्य की योजनाओं को लेकर सरकार के अगले रुख का इंतजार है।































