बिहार के प्रशासनिक गलियारों में इन दिनों तबादले और प्रतिनियुक्ति को लेकर अजीब तरह की चर्चाएं सुनने को मिल रही हैं। कागजों पर तो ट्रांसफर नीति का पालन करने की बात कही जाती है, लेकिन हकीकत में प्रतिनियुक्ति के जरिए कई कर्मचारी फिर से वहीं पहुंच जाते हैं, जहां वे पहले से जमे हुए थे। खासकर पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी में इस तरह की व्यवस्था को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। कहा जा रहा है कि चाहे किसी बाबू का ट्रांसफर कहीं भी कर दिया जाए, कुछ ही समय बाद वह किसी न किसी तरीके से जिला मुख्यालय के अहम और ‘मलाईदार’ माने जाने वाले विभागों में वापस दिखाई देता है।

































