देश में वर्तमान में एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति में आ रही बाधाओं के कारण नागरिक वैकल्पिक रास्तों की तलाश कर रहे हैं। सिलेंडर की किल्लत की वजह से अब लोगों ने बड़े पैमाने पर इंडक्शन चूल्हों (Induction Cooktop) का उपयोग शुरू कर दिया है। इसके परिणामस्वरूप शहरों से लेकर ग्रामीण इलाकों तक इंडक्शन की बिक्री में 3 से 4 गुना तक की वृद्धि देखी गई है। हालांकि, इस बढ़ती मांग का फायदा उठाते हुए कंपनियों ने इंडक्शन की कीमतों में 10 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी कर दी है।
इंडक्शन के उपयोग से बिजली की खपत में भारी वृद्धि
सिलेंडर के विकल्प के रूप में लोग इंडक्शन की ओर तो मुड़ गए हैं, लेकिन अब बिजली बिल ने उनकी चिंता बढ़ा दी है। आंकड़ों के अनुसार, 5 मार्च को बिजली की अधिकतम खपत 415 मेगावाट तक पहुंच गई, जो पिछले साल मार्च के 398 मेगावाट के मुकाबले काफी अधिक है। फरवरी में यही खपत 345 मेगावाट थी। इसका सीधा मतलब यह है कि सिलेंडर बचाने के लिए इंडक्शन का उपयोग अब बढ़े हुए बिजली बिल के रूप में उपभोक्ताओं की जेब पर भारी पड़ रहा है।
पीएनजी (PNG) ग्राहकों को नहीं मिलेगा सिलेंडर
सरकार ने सिलेंडर की आपूर्ति व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के लिए एक बड़ा बदलाव किया है। अब उन ग्राहकों को घरेलू गैस सिलेंडर नहीं दिया जाएगा जिनके पास पाइप गैस (PNG) कनेक्शन है। जिला आपूर्ति अधिकारी संतोष विक्रम शाही ने स्पष्ट किया है कि आधार कार्ड की मदद से पीएनजी उपभोक्ताओं का डेटा एकत्र किया जा रहा है। यदि कोई भी सिलेंडर की जमाखोरी करता पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वर्तमान में 18,594 सिलेंडरों का स्टॉक उपलब्ध है और जिन्होंने पहले बुकिंग की है, उन्हें प्राथमिकता दी जा रही है।
मदद और शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर
यदि आपको गैस सिलेंडर प्राप्त करने में कोई कठिनाई हो रही है या आपके पास कोई वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध नहीं है, तो प्रशासन ने कुछ हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। ग्राहक इन नंबरों पर फोन करके अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं या आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। सरकार सिलेंडर की कमी को दूर करने और कालाबाजारी को रोकने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।





















