पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल के बीच उठे प्रशासनिक बदलावों के विवाद ने अब राष्ट्रीय राजनीति का रूप ले लिया है। इसी कड़ी में आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने बड़ा बयान देते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री Mamata Banerjee का खुलकर समर्थन किया है। केजरीवाल ने कहा कि राज्य में जो कुछ हो रहा है, वह लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है और विपक्षी दलों के बीच एक नई एकजुटता की चर्चा शुरू हो गई है।
चुनाव आयोग और प्रशासन पर गंभीर आरोप
केजरीवाल ने अपने बयान में आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए प्रशासनिक तंत्र का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों के तबादले और अन्य फैसले ऐसे समय पर लिए जा रहे हैं, जिससे चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं। उनका कहना था कि यह सिर्फ पश्चिम बंगाल तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे पहले भी इसी तरह की घटनाएं देखी जा चुकी हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस तरह के कदम लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करते हैं और जनता के विश्वास को प्रभावित करते हैं।
दिल्ली चुनाव का उदाहरण देकर साधा निशाना
आम आदमी पार्टी प्रमुख ने अपने बयान में दिल्ली चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भी इसी तरह की स्थिति देखने को मिली थी। उन्होंने आरोप लगाया कि वोटर लिस्ट से नाम हटाने और प्रशासनिक दबाव जैसी घटनाओं ने चुनाव को प्रभावित किया। केजरीवाल ने कहा कि पश्चिम बंगाल में जो हो रहा है, वह उसी पैटर्न का हिस्सा लगता है। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताते हुए कहा कि ऐसी परिस्थितियों में सभी विपक्षी दलों को एकजुट होकर आवाज उठानी चाहिए।
‘लोकतंत्र बचाने की लड़ाई में साथ’—AAP का ऐलान
केजरीवाल ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी इस मुद्दे पर ममता बनर्जी के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक राज्य या पार्टी का मामला नहीं है, बल्कि पूरे देश के लोकतांत्रिक ढांचे से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने इसे “लोकतंत्र बचाने की लड़ाई” बताते हुए कहा कि इस संघर्ष में सभी को मिलकर काम करना होगा। वहीं, इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और तीखी बयानबाजी देखने को मिल सकती है।
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