श्रावस्ती। कमान्डेंट 62वीं वाहिनी, एसएसबी, भिनगा के दिशा-निर्देशन में सीमावर्ती गांव ककरदारी एवं अशनहरिया में पशु चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया।इस शिविर में डॉ. इमरान खान, पशु चिकित्साधिकारी, सोनवा तथा वाहिनी की पशु चिकित्सा टीम के मुख्य आरक्षी हंसराज एवं आरक्षी सिद्धांत द्वारा ग्रामीणों को पशुओं के स्वास्थ्य से संबंधित निःशुल्क परामर्श प्रदान किया गया। शिविर के दौरान 58 ग्रामीणों के कुल 366 पशुओं की स्वास्थ्य जांच की गई तथा आवश्यक दवाइयों का निःशुल्क वितरण किया गया।इस अवसर पर पशु चिकित्साधिकारी द्वारा पशुपालकों को संबोधित करते हुए कहा गया कि पशुओं का स्वास्थ्य सीधे परिवार की आजीविका से जुड़ा होता है। पशुओं का समय-समय पर टीकाकरण कराना, उनके रहने के स्थान की
साफ-सफाई बनाए रखना, स्वच्छ पेयजल एवं संतुलित आहार उपलब्ध कराना अत्यंत आवश्यक है। किसी भी प्रकार के रोग के लक्षण दिखाई देने पर बिना देर किए नजदीकी पशु चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए और स्वयं से दवाइयों का प्रयोग नहीं करना चाहिए। इससे पशुओं को गंभीर नुकसान से बचाया जा सकता है तथा दूध उत्पादन और पशुधन की गुणवत्ता में वृद्धि होती है।
पशु चिकित्सा शिविर का उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों में पशुपालकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना, पशुओं में होने वाली बीमारियों की रोकथाम करना तथा ग्रामीणों को पशु स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना रहा। इस जनकल्याणकारी पहल से ग्रामीणों में संतोष और उत्साह का वातावरण देखने को मिला।ग्रामीणों ने सशस्त्र सीमा बल द्वारा किए जा रहे इस सामाजिक सरोकार से जुड़े प्रयास की सराहना करते हुए बल के प्रति आभार व्यक्त किया।






























