श्रावस्ती। जिलाधिकारी अश्विनी कुमार पाण्डेय ने बताया है कि मा० उच्च न्यायालय, लखनऊ बेंच लखनऊ द्वारा पारित आदेश दिनांक 24.11.2025 के क्रम में उ०प्र० माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण नियमावली 2014 में निहित व्यवस्थान्तर्गत समाज कल्याण द्वारा जनपद में स्वैच्छिक संस्थाओं के माध्यम से संचालित वृद्धाश्रम में 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के पात्र वृद्धजनों, वरिष्ठ नागरिक, जो मानसिक/शारीरिक रूप से स्वस्थ्य है एवं चलने फिरने में समर्थ होने के साथ ही वृद्धाश्रम में रहने के इच्छुक है, को जनपद में एक विशेष अभियान के माध्यम से वृद्धाश्रम में आवासित कराने हेतु आवश्यक कार्यवाही किये जाने के निर्देश दिये गये है।
जिलाधिकारी ने इसके लिए समस्त उपजिलाधिकारियों एवं खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया है कि जनपद में स्वैच्छिक संस्था के माध्यम से संचालित वृद्धाश्रम में कुल 150 वृद्ध संवासियों की स्वीकृत क्षमता के अनुसार 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के पात्र वृद्धजनों, वरिष्ठ नागरिक, जो मानसिक/शारीरिक रूप से स्वस्थ्य है एवं चलने फिरने में सामर्थ होने के साथ ही वृद्धाश्रम में रहने के इच्छुक हैं, को जनपद में एक विशेष अभियान के माध्यम से वृद्धाश्रम में आवासित कराने हेतु आवश्यक कार्यवाही करना सुनिश्चित करें। इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाये।

































