ग्राउंड जीरो से रिपोर्ट: फाइलों में काम, जमीन पर सन्नाटा
ग्राउंड रिपोर्ट: मौके से गायब मिले मजदूर
हमारी टीम द्वारा रुधौली विकासखंड के कई गाँवों और कार्यस्थलों का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान जो तस्वीरें सामने आईं, वे चौंकाने वाली थीं। जिन साइटों पर मस्टररोल के अनुसार दर्जनों मजदूरों को पसीना बहाना चाहिए था, वहाँ सन्नाटा पसरा मिला।
दावा: फाइलों और ऑनलाइन पोर्टल पर लंबी-चौड़ी संख्या में मजदूरों की उपस्थिति दर्ज है।
हकीकत: धरातल पर एक भी मजदूर काम करता नजर नहीं आया।
मशीनों से काम, मजदूरों के नाम पर भुगतान?
स्थानीय सूत्रों और मौके की स्थिति को देखकर यह आशंका प्रबल होती है कि कार्य स्थलों पर मजदूरों के बजाय मशीनों का उपयोग किया जा रहा है या फिर बिना काम किए ही फर्जी मस्टररोल भरकर सरकारी धन निकाला जा रहा है। यह सीधे तौर पर उन गरीब मजदूरों के हक पर डाका है, जो रोजगार की तलाश में भटक रहे हैं।
जिम्मेदारों की चुप्पी पर सवाल
हैरानी की बात यह है कि विकासखंड स्तर के अधिकारियों की नाक के नीचे यह खेल लंबे समय से चल रहा है, लेकिन अभी तक किसी भी जिम्मेदार ने इन कार्यस्थलों का भौतिक सत्यापन करने की जहमत नहीं उठाई। क्या यह पूरा खेल ग्राम प्रधान, सचिव और तकनीकी सहायकों की मिलीभगत से हो रहा है?
“मनरेगा में किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि रुधौली विकासखंड में बिना कार्य किए भुगतान या फर्जी हाजिरी का मामला संज्ञान में आया है, तो इसकी जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।” — (संभावित प्रशासनिक प्रतिक्रिया)





























