बस्ती, उत्तर प्रदेश। थाना रुधौली पुलिस ने क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी सोनू चौधरी के अपहरण की गुत्थी को सुलझा लिया है। पुलिस जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि अपहरण की यह घटना पूरी तरह मनगढ़ंत और स्वयं रची गई थी।
घटनाक्रम का संक्षिप्त विवरण
दिनांक 07/02/2026: वादी संजय चौधरी ने भाई सोनू चौधरी (22 वर्ष) के लापता होने की सूचना दी।
झूठी सूचना: सोनू ने अपनी मंगेतर को फोन कर बताया था कि 5-6 लोग उसे पीटकर अगवा कर रहे हैं।
बस यात्रा: परिवहन विभाग की बस संख्या UP78KN0179 के स्टाफ ने सोनू के लखनऊ जाने वाली बस में सवार होने की पुष्टि की।
युवक की स्वीकारोक्ति (Confession)
सोनू चौधरी ने थाने में उपस्थित होकर स्वीकार किया कि:
वह कर्ज और पारिवारिक समस्याओं के कारण अत्यधिक मानसिक तनाव में था।
लेनदारों के दबाव से बचने के लिए उसने अपहरण का नाटक रचा।
वह अयोध्या जाकर दो दिन तक राम लला के दर्शन करता रहा और मानसिक शांति के लिए धर्मशाला में रुका रहा।
निष्कर्ष: पुलिस की सतर्कता और वैज्ञानिक जांच ने इस झूठी कहानी का पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस अब मामले में अग्रिम विधिक कार्यवाही कर रही है।
प्रभारी निरीक्षक, थाना रुधौली, जनपद बस्ती।
पुलिस कार्रवाई: तत्काल धारा 140(3) BNS के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।
जांच में हुए चौंकाने वाले खुलासे
पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और धरातलीय जांच के आधार पर निम्नलिखित तथ्य जुटाए:
स्वयं बुलाया ऑटो: सोनू ने खुद ऑटो चालक को फोन कर बुलाया और घटनास्थल से 25 किमी दूर बस्ती छोड़ा।
CCTV फुटेज: घटना के एक घंटे के भीतर सोनू को बस्ती शहर में सुरक्षित पैदल चलते देखा गया।
युवक का कबूलनामा:
सोनू चौधरी ने थाने में उपस्थित होकर स्वीकार किया कि:
“मुझ पर कर्ज का बहुत दबाव था और मैं मानसिक रूप से परेशान था। इसलिए मंगेतर को झूठी सूचना देकर मैं अयोध्या चला गया था ताकि कुछ समय के लिए शांति मिल सके।”






























