नई दिल्ली। भारत और अमेरिका (India and America) के रिश्तों में तनाव के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) के करीबी माने जाने वाले नामित अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर (US Ambassador Sergio Gor) नई दिल्ली पहुंच गए हैं। गोर (38) ने नवंबर के मध्य में भारत में अमेरिकी राजदूत के रूप में शपथ ली। शुक्रवार रात नयी दिल्ली पहुंचने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा, ‘‘भारत में आकर बहुत अच्छा लग रहा है। हमारे दोनों देशों के लिए आगे अपार अवसर हैं।’’ भारत में उनका आगमन ऐसे समय हुआ है जब अमेरिकी वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लटनिक के एक दावे के बाद दोनों पक्षों के बीच नया विवाद खड़ा हो गया है। लटनिक ने कहा था कि दोनों देशों के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौता पिछले साल इसलिए नहीं हो सका, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को फोन नहीं किया।
भारत ने शुक्रवार को इस दावे को खारिज कर दिया और लटनिक की टिप्पणियों को गलत बताया। गोर ‘व्हाइट हाउस’ के कार्मिक निदेशक के रूप में कार्यरत थे, जब राष्ट्रपति ट्रंप ने अगस्त में उन्हें भारत में अगले अमेरिकी राजदूत के रूप में नामित किया था। ट्रंप द्वारा भारतीय वस्तुओं पर शुल्क (टैरिफ) को दोगुना करके 50 प्रतिशत करने के बाद दोनों देशों के बीच संबंध गंभीर तनाव में है। शुल्क के अलावा, कई अन्य मुद्दों पर भी संबंधों में गिरावट आई है, जिनमें पिछले साल मई में ट्रंप द्वारा भारत-पाकिस्तान संघर्ष को समाप्त करने का दावा और अमेरिका की नयी आव्रजन नीति शामिल है।
अमेरिकी सीनेट ने अक्टूबर में गोर को भारत में अमेरिका के अगले राजदूत के रूप में नियुक्त करने की मंजूरी दी। गोर के शपथ ग्रहण समारोह के बाद ट्रंप ने कहा था, ‘‘मुझे सर्जियो गोर पर भरोसा है कि वह हमारे देश के सबसे महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय संबंधों में से एक, यानी भारत के साथ रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने में मदद करेंगे।’’
गोर ने अपनी नयी भूमिका को अपने जीवन का ‘‘सबसे बड़ा सम्मान” बताया था और कहा था कि वह अमेरिका और भारत के बीच संबंधों को ‘‘मजबूत’’ करने के लिए उत्सुक हैं। उन्होंने 2024 के राष्ट्रपति चुनाव से पहले ट्रंप के प्रचार अभियान की राजनीतिक कार्रवाई समिति (पीएसी) में एक प्रमुख भूमिका निभाई, और नए प्रशासन में राजनीतिक नियुक्तियों की जांच का काम सौंपे जाने के बाद उनका प्रभाव कई गुना बढ़ गया। पिछले साल जनवरी में भारत में तत्कालीन अमेरिकी राजदूत एरिक गार्सेटी ने पद से इस्तीफा दे दिया, जिससे ट्रंप प्रशासन के लिए अपना नया राजदूत नियुक्त करने का मार्ग प्रशस्त हो गया। सीनेट से मंजूरी के कुछ दिनों बाद गोर ने अक्टूबर में छह दिनों के लिए भारत का दौरा किया था। इस दौरे के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की थी।

































