श्रावस्ती।एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाली खबर इस वक्त उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले से सामने आ रही है।महिला एवं बाल विकास विभाग की हॉट कुक्ड फूड योजना, जिसका मकसद 3 से 6 साल के बच्चों को पौष्टिक भोजन देना था, उसी योजना में बड़े स्तर पर गड़बड़ी और घोटाले के आरोप लगे हैं।शिकायत के मुताबिक वर्ष 2019 के बाद से श्रावस्ती जिले के किसी भी आंगनवाड़ी केंद्र पर हॉट कुक्ड फूड योजना का संचालन नहीं किया गया। न बच्चों को खाना मिला, न आंगनवाड़ी केंद्रों पर चूल्हा जला, लेकिन कागजों में पूरा खर्च दिखाया जाता रहा।
सबसे गंभीर आरोप यह है कि सरकार द्वारा प्रति बच्चे आठ रुपये प्रतिदिन के हिसाब से स्वीकृत धनराशि, रसोइयों का मानदेय, आंगनवाड़ी सहायिकाओं का भुगतान, ईंधन और परिवहन का खर्च तक कागजों में निकाल लिया गया, जबकि ज़मीनी स्तर पर किसी को भुगतान नहीं हुआ।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि रसोइयों और आंगनवाड़ी सहायिकाओं के बैंक खातों में एक रुपया तक नहीं भेजा गया, जबकि धनराशि जिला स्तर से आहरित कर ली गई।
यानि जिन योजनाओं का मकसद बच्चों और महिलाओं को लाभ पहुंचाना था, वही योजनाएं कथित तौर पर भ्रष्टाचार का जरिया बन गईं।
इस पूरे मामले को लेकर जिलाधिकारी श्रावस्ती को लिखित शिकायत दी गई है और मांग की गई है कि किसी स्वतंत्र एजेंसी से निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई हो।अब बड़ा सवाल यह है कि
जब योजना के लिए पैसा जारी हुआ,तो बच्चों को खाना क्यों नहीं मिलाऔर आखिर यह पैसा गया कहां श्रावस्ती प्रशासन पर अब सबकी नजर है।
देखना होगा कि इस मामले में सख्त कार्रवाई होती है या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाता है।
इस खबर पर लगातार नजर बनाए हुए है।





























