कठिन वक्त में शिवसेना नहीं छोड़ी, इसलिए मिला टिकट वार्ड 56 की शिवसेना नगरसेविका
🔸 उद्धव बाला साहेब ठाकरे ने उन पर भरोसा क्यों जताया
🔸 पार्टी के कठिन दौर में भी शिवसेना का साथ क्यों नहीं छोड़ा
🔸 पिछला नगरसेवक क्षेत्र में कोई ठोस काम क्यों नहीं कर पाया
🔸 वार्ड 56 में गटर, नाला, पानी, सफाई, कचरा, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी समस्याएं कितनी गंभीर हैं
प्रत्याशी ने साफ शब्दों में कहा कि—
👉 “जब शिवसेना कठिन परिस्थिति में थी, तब कई लोग साथ छोड़कर चले गए,
लेकिन एक सच्चे शिवसैनिक के रूप में हमने पार्टी नहीं छोड़ी।
घर बैठना मंजूर था, लेकिन शिवसेना छोड़ना मंजूर नहीं।”
इसी निष्ठा, संघर्ष और ईमानदारी को देखते हुए
उद्धव साहेब ठाकरे ने एक छोटे कार्यकर्ता को
सम्मान देते हुए टिकट दिया।
प्रत्याशी ने यह भी संकल्प लिया कि—
✔️ गटर-नाला और पानी की समस्या का स्थायी समाधान
✔️ सफाई और कचरा प्रबंधन में सुधार
✔️ स्वास्थ्य और शिक्षा पर विशेष ध्यान
✔️ हर वर्ग, हर समाज को समान अधिकार और सम्मान
यह इंटरव्यू सिर्फ एक चुनावी बातचीत नहीं,
बल्कि निष्ठा, संघर्ष और सच्ची शिवसेना विचारधारा की आवाज़ है।





























