रिपोर्ट:हेमंत कुमार दुबे।
नई दिल्ली/गोरखपुर।
गोरखपुर के यशस्वी सांसद रवि किशन शुक्ला ने मंगलवार को संसद में बजट सत्र के दौरान पूर्वांचल की रेल कनेक्टिविटी और सांस्कृतिक पहचान को लेकर जोरदार पैरवी की। भारतीय रेल की अनुदान मांगों पर चर्चा में भाग लेते हुए सांसद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री के विजन की सराहना की, साथ ही गोरखपुर रेलवे स्टेशन के कायाकल्प और नई ट्रेनों को लेकर कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव सदन के पटल पर रखे।सांसद रवि किशन ने गोरखपुर की आध्यात्मिक विरासत को सम्मान देने के लिए एक बड़ी मांग उठाई। उन्होंने कहा कि गोरखपुर रेलवे स्टेशन परिसर में महायोगी गुरु गोरखनाथ जी की भव्य आदमकद प्रतिमा स्थापित की जाए। उन्होंने तर्क दिया कि इससे न केवल शहर की सांस्कृतिक पहचान सशक्त होगी, बल्कि आने वाले यात्रियों को गोरखपुर की महान विरासत का बोध भी होगा। इसके साथ ही उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों की स्मृति में स्टेशन पर एक ‘शहीद गैलरी’ बनाने का भी प्रस्ताव दिया।पूर्वांचल और बिहार के यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए सांसद ने तीन प्रमुख रेल मार्गों पर नई सेवाएं शुरू करने की मांग की जिसमे गोरखपुर से दिल्ली अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस ‘वंदे भारत स्लीपर’ ट्रेन,गोरखपुर से मुंबई रोजगार और व्यवसाय के लिए जाने वाले लाखों लोगों की सुविधा हेतु ‘वंदे भारत स्लीपर’ तथा गोरखपुर से गोवा पूर्वी उत्तर प्रदेश को सीधे पश्चिमी भारत से जोड़ने के लिए एक नई सुपरफास्ट ट्रेन।सांसद रवि किशन शुक्ल ने कहा कि
> “प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारतीय रेलवे अब केवल परिवहन का साधन नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार बन चुकी है। उत्तर प्रदेश के लिए ₹20,012 करोड़ का रेल बजट आवंटन प्रदेश की बदलती तस्वीर का प्रमाण है।”
सांसद ने सदन को अवगत कराया कि लगभग ₹498.97 करोड़ की लागत से गोरखपुर रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास किया जा रहा है। इस परियोजना के तहत स्टेशन को आधुनिक एयर कोंकोर्स, फुट ओवर ब्रिज, लिफ्ट और एस्केलेटर जैसी विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस किया जाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह विकास कार्य पूरे पूर्वांचल के आर्थिक और सामाजिक ढांचे को नई गति प्रदान करेगा।चर्चा के दौरान रवि किशन ने उत्तर प्रदेश में चल रही ₹92,000 करोड़ की रेल परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए केंद्र सरकार का आभार जताया। उनके संबोधन ने न केवल गोरखपुर बल्कि पड़ोसी राज्य बिहार और नेपाल तक के यात्रियों की समस्याओं और भविष्य की जरूरतों को प्रमुखता से रेखांकित किया।




























