*मौनी अमावस्या पर त्रिवेणी धाम की ओर बढ़े हजारों कदम।*
रिपोर्ट:गजेन्द्र गुप्त।
ठूठीबारी (महाराजगंज): मौनी अमावस्या के पावन पर्व पर भारत-नेपाल सीमा के अंतिम छोर पर बसे कस्बे ठूठीबारी में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। हजारों की संख्या में श्रद्धालु ट्रैक्टर-ट्रॉली और चार पहिया वाहनों से नेपाल स्थित प्रसिद्ध त्रिवेणी धाम की ओर कूच कर रहे हैं। श्रद्धालुओं में भारी उत्साह है, लेकिन प्रशासन की लापरवाही ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
*सुरक्षा के नाम पर केवल ‘आश्वासन।*
हर वर्ष की भांति इस बार भी सुरक्षा के कड़े प्रबंध होने चाहिए थे, लेकिन धरातल पर स्थिति इसके विपरीत दिखी। समाचार लिखे जाने तक ठूठीबारी सीमा पर पुलिस बल नदारद मिला, जिससे श्रद्धालुओं को अव्यवस्था का सामना करना पड़ा। हालांकि, इस विषय में थानाध्यक्ष नवनीत नागर का कहना है कि निर्देश दे दिए गए हैं और व्यवस्थाएं दुरुस्त की जा रही हैं।
*पौराणिक महत्व।*
मान्यता है कि इसी तिथि को ऋषि मनु का जन्म हुआ था और इस दिन गंगाजल अमृतमयी हो जाता है। मोक्ष की प्राप्ति और पापों के नाश की कामना लिए श्रद्धालु त्रिवेणी संगम पर सबसे पहले स्नान करने की होड़ में जुटे हैं।इस अवसर






























