रिपोर्ट:गजेन्द्र गुप्त।
महाराजगंज। जिले के पांचों विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता सूची को पारदर्शी और सटीक बनाने के लिए निर्वाचन आयोग ने ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ शुरू कर दी है। SIR (सत्यापन व सुधार) अभियान के तहत चिह्नित उन 2.03 लाख मतदाताओं को नोटिस भेजने का सिलसिला शुरू हो गया है, जिनकी मैपिंग नहीं हो पाई है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यदि निर्धारित समय में साक्ष्य नहीं दिए गए, तो ऐसे लोगों का नाम मतदाता सूची से काट दिया जाएगा।
*एईआरओ और सहायक एईआरओ की देखरेख में घर-घर पहुंच रही नोटिस।*
सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी नन्द प्रकाश मौर्य ने बताया कि आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार, नो-मैपिंग श्रेणी में आने वाले सभी मतदाताओं को एईआरओ व सहायक एईआरओ के हस्ताक्षर युक्त नोटिस भेजी जा रही है। बीएलओ के माध्यम से यह नोटिस घर-घर पहुंचाई जा रही है। इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य फर्जी या दोहरे मतदाताओं की पहचान करना और वास्तविक मतदाताओं के डेटा को अपडेट करना है।
*एक सप्ताह में देने होंगे साक्ष्य, ये हैं विकल्प।*
नोटिस प्राप्त होने के बाद मतदाता को अपनी पहचान और पते की पुष्टि के लिए 7 दिन (एक सप्ताह) का समय दिया जा रहा है। मतदाताओं को निर्वाचन आयोग द्वारा मान्य 13 अनिवार्य दस्तावेजों में से कोई भी एक प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा।
> महत्वपूर्ण दस्तावेज: आधार कार्ड, पैन कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, बैंक/डाकघर पासबुक, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट या अन्य सरकारी फोटो पहचान पत्र।
*दो बार मिलेगा मौका, फिर होगी सीधी कार्रवाई।*
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, यदि कोई मतदाता पहली नोटिस के एक सप्ताह के भीतर जवाब नहीं देता है, तो उसे दूसरी नोटिस जारी की जाएगी। अगर इसके बावजूद मतदाता अपना पक्ष नहीं रखता या साक्ष्य प्रस्तुत करने में विफल रहता है, तो मान लिया जाएगा कि वह संबंधित पते पर नहीं रह रहा है और नियमानुसार उसका नाम मतदाता सूची से विलोपित (हटाने) करने की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
*मतदाता क्या करें।*
बीएलओ के संपर्क में रहें और नोटिस प्राप्त होने पर तुरंत प्रतिक्रिया दें। अपने वैध पहचान पत्र की छायाप्रति तैयार रखें।तथा निर्धारित एक सप्ताह की समय सीमा का विशेष ध्यान रखें।






























