मनरेगा में महाघोटाला: रुधौली ब्लॉक में फर्जीवाड़े का भंडाफोड़!

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एक ही फोटो से कई पंचायतों में लग रही फर्जी हाजिरी, ‘फोटो से फोटो’ खींचकर सरकारी धन की लूट!

रुधौली ब्लॉक में मनरेगा पर संगीन आरोप: एक ही फोटो से फर्जी हाजिरी, कई पंचायतें घेरे में
बस्ती। रुधौली विकासखंड की कई ग्राम पंचायतों—डुमरी, महुआर, डडवा तिवारी और भूसुड़ी उर्फ रायनगर—में मनरेगा कार्यों को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। शिकायतों के अनुसार एक ही फोटो को कई दिनों तक अलग-अलग कार्यों में अपलोड कर फर्जी हाजिरी लगाई जा रही है। इतना ही नहीं, “फोटो से फोटो” खींचकर अपलोड करने का भी आरोप है, जिससे कथित तौर पर भुगतान का आधार तैयार किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह खेल कई दिनों से जारी है और ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड तस्वीरों में समान दृश्य/व्यक्तियों की पुनरावृत्ति देखी जा सकती है। यदि आरोप सही हैं, तो यह सीधे तौर पर मजदूरों के अधिकारों और सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला बनता है।
जिम्मेदारों की भूमिका पर सवाल
आरोपों के घेरे में ब्लॉक स्तर की निगरानी व्यवस्था भी है। खंड विकास अधिकारी, एपीओ, संबंधित सचिव, तकनीकी सहायक तथा रोजगार सेवक/मेट की कार्यप्रणाली पर प्रश्न उठ रहे हैं। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि नियमित स्थलीय निरीक्षण और जियो-टैग/टाइम-स्टैम्प सत्यापन होने पर ऐसी स्थिति नहीं बनती।
क्या कहते हैं जानकार?
ग्रामीणों का कहना है कि यदि एक ही फोटो कई दिनों/कार्यों में अपलोड हुई है, तो इसकी डिजिटल फॉरेंसिक जांच—मेटाडेटा, जियो-टैग, टाइम-स्टैम्प और मास्टर रोल बनाम बैंक भुगतान मिलान—से सच्चाई स्पष्ट हो सकती है।
प्रशासन से मांग
स्वतंत्र तकनीकी ऑडिट और सोशल ऑडिट की खुली बैठक
संदिग्ध प्रविष्टियों की तत्काल जांच
दोषी पाए जाने पर रिकवरी व वैधानिक कार्रवाई
मनरेगा ग्रामीण रोजगार की अहम योजना है। आरोपों की निष्पक्ष जांच और पारदर्शिता ही मजदूरों का भरोसा कायम रख सकती है।

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