आज दिनांक 20 जनवरी 2026 को श्री अमरेन्द्र कुमार वरुण, कमांडेंट 62वीं वाहिनी, सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी), भिनगा के दिशा-निर्देशन में 19 जनवरी 2026 से 26 जनवरी 2026 के मध्य आयोजित किए जा रहे राष्ट्रीय गीत ‘वन्दे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ समारोह के अंतर्गत जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम के अंतर्गत सीमा चौकी ककरदरी एवं सोनपथरी के जवानों द्वारा अपने-अपने कार्यक्षेत्र में स्थित सीमावर्ती विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के साथ सामूहिक रूप से राष्ट्रीय गीत ‘वन्दे मातरम’ का भावपूर्ण गायन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले विद्यार्थियों में देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता एवं सांस्कृतिक चेतना को और अधिक सुदृढ़ करना रहा।
कार्यक्रम के दौरान जवानों द्वारा छात्रों को महान साहित्यकार बंकिम चंद्र चटर्जी द्वारा रचित ‘वन्दे मातरम’ की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि से अवगत कराया गया। उन्हें बताया गया कि इस गीत की रचना उन्नीसवीं शताब्दी में हुई थी और यह भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान स्वतंत्रता सेनानियों के लिए प्रेरणा का प्रमुख स्रोत बना। ‘वन्दे मातरम’ का नारा देशभर में स्वतंत्रता संग्राम के समय राष्ट्रभक्ति, साहस एवं बलिदान का प्रतीक बन गया था।
जवानों ने यह भी बताया कि किस प्रकार ‘वन्दे मातरम’ ने भारतीय जनमानस को एक सूत्र में बांधने का कार्य किया तथा विदेशी शासन के विरुद्ध संघर्ष के दौरान लोगों में आत्मविश्वास और एकता की भावना को मजबूत किया। छात्रों को राष्ट्रीय प्रतीकों, राष्ट्रीय गीत एवं राष्ट्र के सम्मान से जुड़े मूल्यों को अपने जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
विद्यालय प्रशासन एवं शिक्षकों द्वारा सशस्त्र सीमा बल की इस सराहनीय पहल की प्रशंसा की गई तथा कहा गया कि इस प्रकार के कार्यक्रम बच्चों में प्रारंभिक अवस्था से ही राष्ट्रभक्ति एवं सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने में सहायक होते हैं।
यह कार्यक्रम सीमावर्ती क्षेत्रों में राष्ट्रीय चेतना को प्रोत्साहित करने, युवा पीढ़ी को देश के गौरवशाली इतिहास से जोड़ने तथा राष्ट्रभक्ति की भावना को सुदृढ़ करने की दिशा में सशस्त्र सीमा बल की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है।




























