जनता के चहेते बने इंस्पेक्टर संजय कुमार दुबे ने अपराध नियंत्रण और जनसेवा में हासिल किया नंबर 1 का मुकाम। थाने का माहौल ऐसा बदला कि अब जनता इसे ‘सेवा केंद्र’ मानने लगी है।
रिपोर्ट – सुशील शर्मा
जिला ब्यूरो चीफ़ बस्ती
बस्ती/रुधौली: उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के रुधौली थाना प्रभारी (SHO) संजय कुमार दुबे इन दिनों अपनी बेहतरीन कार्यशैली को लेकर चर्चा के केंद्र में हैं। अपराधियों के खिलाफ एक्शन के मामले में ‘ताबड़तोड़ बल्लेबाजी’ करने वाले इस तेजतर्रार इंस्पेक्टर ने जहां एक तरफ इलाके में अपराध का ग्राफ तेजी से गिराया है, वहीं दूसरी तरफ अपनी सकारात्मक सोच से थाने की पूरी सूरत ही बदल कर रख दी है। कुशल व्यवहार और कार्यप्रणाली के चलते वे जनता के प्रिय और जिले के नंबर 1 SHO बन गए हैं।
अपराधियों पर कसता शिकंजा और सघन चेकिंग अभियान
जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए रुधौली पुलिस पूरी तरह एक्शन मोड में है। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर लगातार चेकिंग और जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं:
उच्चाधिकारियों का मार्गदर्शन: बस्ती के पुलिस अधीक्षक यशवीर सिंह के कड़े निर्देशों पर, अपर पुलिस अधीक्षक श्यामाकांत के निर्देशन और क्षेत्राधिकारी रुधौली कुलदीप सिंह यादव के पर्यवेक्षण में पुलिस इलाके में सक्रिय है।
सघन चेकिंग: इसी कड़ी में थाना प्रभारी निरीक्षक संजय दुबे के नेतृत्व में थाना गेट पर संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की गहन जांच की गई। इस कार्रवाई से इलाके में सतर्कता का माहौल देखा गया।
टीम वर्क: इस अभियान में SHO संजय दुबे के साथ उप निरीक्षक अनिल कुमार और हेड कांस्टेबल धीरेंद्र दुबे सहित पूरी पुलिस टीम मुस्तैदी से डटी रही।
ऑपरेशन कन्विक्शन में अग्रणी: साइबर सुरक्षा हो या अपराधियों को सजा दिलाने वाला “ऑपरेशन कन्विक्शन”, रुधौली पुलिस हर मोर्चे पर सख्त कदम उठा रही है।
थानों का कायाकल्प: जब थाना बन गया ‘सेवा केंद्र’
संजय कुमार दुबे की पहचान सिर्फ एक सख्त पुलिस अधिकारी के रूप में ही नहीं है, बल्कि वे थानों का इंफ्रास्ट्रक्चर सुधारने के लिए भी जाने जाते हैं:
सकारात्मक सोच की मिसाल: दुबे जी जहां भी तैनात होते हैं, वहां के थाने का कायापलट कर देते हैं। विभिन्न जनपदों में अपनी तैनाती के दौरान उन्होंने दर्जनों थानों की बिल्डिंग को नया और खूबसूरत रूप दिया है।
जनता से सीधा जुड़ाव: रुधौली थाने में तैनाती के कुछ ही दिनों में उन्होंने ऐसा माहौल तैयार किया है कि स्थानीय लोग अब पुलिस स्टेशन को अपना घर और एक ‘सेवा केंद्र’ की तरह देखने लगे हैं।
घटता अपराध, बढ़ता विश्वास: उनकी सक्रियता के कारण अपराधियों को या तो अपराध छोड़ना पड़ा है या फिर क्षेत्र। पुलिस और पब्लिक के बीच की दूरी घटने से इलाके के लोग इस बदलाव की जमकर तारीफ कर रहे हैं।
संजय दुबे ने यह साबित कर दिया है कि पुलिस की सख्ती सिर्फ अपराधियों के लिए होनी चाहिए, जबकि आम जनता के लिए पुलिस हमेशा एक मजबूत और सहयोगी साथी है।






























