रुधौली विद्युत उपकेंद्र के अंतर्गत आने वाले पचारी कला गांव में आज भी बांस-बल्ली और जर्जर तारों के सहारे बिजली की आपूर्ति की जा रही है। करीब एक हजार की आबादी वाली इस बस्ती के खंभे सड़ चुके हैं और तार काफी नीचे लटक रहे हैं, जिससे कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
ग्रामीणों द्वारा लगाए गए कई बांस के खंभे पूरी तरह से जर्जर हो चुके हैं। इन खंभों पर लगे बिजली के तार इतने नीचे लटक रहे हैं कि राहगीरों की सुरक्षा खतरे में है। तारों का यह जाल अक्सर उपभोक्ताओं के लिए लोकल फॉल्ट का कारण भी बनता है।
गांव के झन्नर प्रसाद, रामचंदर और रामदीन के घरों के सामने भी बांस-बल्ली के सहारे ही बिजली पहुंचाई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि गर्मी के मौसम में तार गर्म होकर अक्सर टूटकर गिर जाते हैं, जिससे कई वर्षों से दुर्घटना का खतरा बना हुआ है।
ग्रामीणों ने कई बार प्रार्थना पत्रों के माध्यम से विभाग को नए बिजली के पोल लगवाने के लिए अवगत कराया है। इसके बावजूद, विद्युत विभाग द्वारा अभी तक एक भी नया बिजली का पोल नहीं लगवाया गया है।
इस संबंध में रुधौली के एसडीओ बी.पी. सिंह ने बताया कि मामले की जांच कराई जाएगी और जल्द ही इसका निस्तारण किया जाएगा।






























