रिपोर्ट – सुशील शर्मा
जिला ब्यूरो चीफ़ बस्ती
MNT न्यूज़ भारत रुधौली (बस्ती): सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम, 2005 के तहत मांगी गई जानकारी पर निर्धारित 30 दिन की समयसीमा बीत जाने के बाद भी संतोषजनक जवाब न मिलने से ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। आवेदक द्वारा विधिवत रिमाइंडर भेजे जाने के बावजूद, विभाग की ओर से न तो पूर्ण सूचना उपलब्ध कराई गई है और न ही देरी का कोई ठोस कारण बताया गया है।
क्या है पूरा मामला?
यह पूरा मामला ग्राम पंचायत मूड़ाडीहा (उर्फ भोपालपुर) से जुड़े विकास कार्यों की जानकारी से संबंधित है। आवेदक ने 01 अप्रैल 2021 से अब तक हुए विभिन्न कार्यों का ब्यौरा मांगा था। इनमें मुख्य रूप से आवास लाभार्थियों की सूची, खुली बैठकों के रजिस्टर की प्रतियां, सुंदरीकरण, तालाब, चकरोड, नाली निर्माण तथा इंटरलॉकिंग सड़क के बिल-बाउचर, कैश मेमो और चेकबुक की प्रमाणित प्रतियां शामिल हैं।
आगे की रणनीति और ग्रामीणों की मांग
स्थानीय लोगों और आरटीआई आवेदक का कहना है कि यदि इस बार भी समयबद्ध कार्रवाई नहीं हुई और सूचना छिपाई गई, तो वे प्रथम अपील दायर करेंगे। आवश्यकता पड़ने पर राज्य सूचना आयोग (SIC) में द्वितीय अपील और शिकायत भी दर्ज कराई जाएगी। ग्रामीणों का स्पष्ट आरोप है कि जानबूझकर सूचना रोकना पारदर्शिता के सिद्धांत के विपरीत है और इससे जनहित सीधे तौर पर प्रभावित होता है।
ग्रामीणों ने उच्चाधिकारियों और जिला प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की तत्काल जांच कर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। मांगी गई सूचना शीघ्र सार्वजनिक की जाए, ताकि ग्राम पंचायत मूड़ाडीहा में हुए विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति जनता के सामने आ सके।
पहले भी उठ चुके हैं सवाल
यह पहला अवसर नहीं है जब रुधौली विकासखंड में आरटीआई के जवाब को लेकर विवाद सामने आया हो। इससे पहले भी रुधौली विकासखंड के तत्कालीन सचिव जगदीश कुमार यादव पर जन सूचना के तहत मांगी गई रिपोर्ट का जवाब समय से न देने पर विभागीय कार्रवाई की गई थी। उस प्रकरण में उच्चाधिकारियों ने कड़ा रुख अपनाते हुए जवाबदेही तय की थी और आवश्यक कदम उठाए थे।






























