रिपोर्ट:व्यूरो कार्यालय।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के ग्रामीण अंचलों में भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसका प्रत्यक्ष प्रमाण महराजगंज जनपद के मिठौरा ब्लाक के परसामीर ग्राम सभा में देखने को मिल रहा है। जहाँ एक ओर सरकार ‘डिजिटल अटेंडेंस’ (NMMS) के जरिए पारदर्शिता का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर अधिकारियों की निष्क्रियता और ‘सत्ता की हनक’ ने इस पोर्टल को ही भ्रष्टाचार का नया औजार बना दिया है।
*ग्राउंड जीरो की हकीकत: 35 का मस्टररोल, मौके पर सिर्फ 12*
परसामीर में राजीव सिंह के खेत से सिंदुरिया सिवान तक हो रहे मिट्टी कार्य ने सरकारी दावों की पोल खोल दी है। मीडिया टीम जब धरातल पर पड़ताल करने पहुँची, तो आँकड़े चौंकाने वाले थें।रिकॉर्ड पर 4 मस्टररोल जारी किए गए हैं, जिनमें रोजाना 35 मजदूरों की उपस्थिति दर्ज की जा रही है।पर हकीकत मौके पर केवल 12 मजदूर (रामचंद्र, कलावती, रामअवध, अम्बावती, प्रहलाद, जग्गन, धर्मेन्द्र, बदरेआलम, अनरावती, पन्नेलाल, फुला और मुख्तार) पसीना बहाते मिले।
इन मजदूरों ने कैमरे पर स्वीकार किया कि काम शुरू होने के बाद से संख्या लगभग इतनी ही रही है। अब बड़ा सवाल यह है कि शेष 23 फर्जी मजदूरों की दिहाड़ी किसकी जेब में जा रही है?
*सत्ता की ‘हनक’के आगे नतमस्तक प्रशासन*
इस पूरे खेल के पीछे ग्राम प्रधान प्रतिनिधि राजेश सिंह का नाम प्रमुखता से उभर रहा है। स्थानीय सूत्रों की मानें तो राजेश सिंह की गिनती जनपद के कद्दावर मंत्री के करीबियों में होती है। यही कारण है कि ब्लॉक स्तर के अधिकारी इस खुले भ्रष्टाचार पर आँखें मूंदकर बैठे हैं।जब इस विषय पर अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी (APO) से जवाब मांगा गया, तो उनकी ‘रहस्यमयी चुप्पी’ बहुत कुछ बयां कर गई। क्या एक रसूखदार व्यक्ति का नाम ही अधिकारियों को कर्तव्य विमुख करने के लिए काफी है।बड़े सवाल जब मौके पर 12 मजदूर हैं, तो NMMS पोर्टल पर 35 की जियो-टैग अटेंडेंस कैसे लग रही है।क्या तकनीकी निगरानी करने वाले कर्मचारी भी इस सिंडिकेट का हिस्सा हैं।
*क्या मंत्री जी का संरक्षण भ्रष्टाचार का ‘लाइसेंस’ बन गया है।*
परसामीर का यह मामला जांच का विषय है। यदि 23 मजदूरों का पैसा डकारा जा रहा है, तो यह सीधे तौर पर गरीब के हक पर डाका है। देखना यह होगा कि क्या उच्चाधिकारी इस ‘सत्ता की हनक’ को दरकिनार कर निष्पक्ष जांच करेंगे, या फिर सरकारी धन की यह बंदरबांट ऐसे ही चलती रहेगी।































