15 मार्च की महारैली को ऐतिहासिक बनाने के लिए डॉ. अरविंद राजभर ने फूंका बिगुल।*

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*2027 में फिर बनेगी प्रचंड बहुमत की NDA सरकार, कार्यकर्ताओं को सौंपी जिम्मेदारी।*

रिपोर्ट:हेमंत कुमार दुबे।

महाराजगंज। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव एवं पूर्व मंत्री डॉ. अरविंद राजभर ने शुक्रवार को जनपद का संगठनात्मक दौरा किया। इस दौरान उन्होंने आगामी 15 मार्च 2026 को प्रस्तावित ‘सामाजिक समरसता महारैली’ की तैयारियों की समीक्षा की और कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए इसे ऐतिहासिक बनाने का आह्वान किया।डॉ. राजभर ने कार्यक्रम स्थल का स्थलीय निरीक्षण किया और पदाधिकारियों के साथ विस्तृत बैठक की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि न्याय पंचायत स्तर तक जिम्मेदारियां तय की जाएं।प्रत्येक बूथ और पंचायत में जनसंपर्क अभियान को तेज किया जाए। पार्टी की नीतियों शिक्षा, रोजगार और सामाजिक समानता को घर-घर पहुंचाया जाए। पत्रकारों से बात करते हुए डॉ. राजभर ने विश्वास जताया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में पुनः प्रचंड बहुमत के साथ NDA सरकार की वापसी होगी। उन्होंने पार्टी के मुख्य विजन को साझा करते हुए कहा कि प्राथमिक स्तर से संविधान का अनिवार्य अध्ययन और बेटियों की शिक्षा पूर्णतः निःशुल्क करना।मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना’ के जरिए युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ना।प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ और सुलभ बनाना।दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को मिली राहत और उनके द्वारा प्रधानमंत्री व गृहमंत्री पर लगाए गए आरोपों पर डॉ. राजभर ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा
> “न्यायपालिका सर्वोपरि है और उसके फैसले तथ्यों पर आधारित होते हैं, किसी राजनीतिक षड्यंत्र पर नहीं। अदालत के निर्णय का सम्मान होना चाहिए, लेकिन हर कानूनी प्रक्रिया को षड्यंत्र बताना लोकतांत्रिक संस्थाओं पर प्रश्नचिह्न खड़ा करना है। जनता भावनात्मक बयानबाजी नहीं, बल्कि पारदर्शिता और जवाबदेही चाहती है।”

उन्होंने आगे जोड़ा कि राजनीति में विचारों का संघर्ष होना चाहिए, न कि संवैधानिक एजेंसियों पर अविश्वास फैलाकर आरोपों की राजनीति।
अंत में डॉ. राजभर ने जनपदवासियों और कार्यकर्ताओं से अपील की कि 15 मार्च की महारैली में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर अपनी एकजुटता का परिचय दें।

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