
राज्य सरकार पर्यावरण बचाने और विकास के बीच बैलेंस बनाने पर फोकस कर रही है। राज्य सरकार ने राज्य में पेड़ों की संख्या और जंगल का एरिया बढ़ाने के लिए मिशन मोड में 300 करोड़ (3 बिलियन) पेड़ लगाने का फैसला किया है और इसके लिए साइंस और टेक्नोलॉजी पर आधारित एक बड़ा प्रोग्राम लागू किया जाएगा, देवेंद्र फडणवीस ने कहा।(Target to plant 300 crore trees a major program based on science and technology will be implemented says Chief Minister Devendra Fadnavis)
मुख्यमंत्री मुंबई के होटल सहारा में नानाजी देशमुख प्रतिष्ठान और एमेनिटी ट्री केयर फाउंडेशन द्वारा मिलकर आयोजित दूसरे इंटरनेशनल आर्बोरिकल्चर कॉन्फ्रेंस में बोल रहे थे। इस मौके पर नानाजी देशमुख प्रतिष्ठान के प्रेसिडेंट संजय पांडे, चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर आर्यन पांडे, एमेनिटी ट्री केयर फाउंडेशन के वैभव राजे और दूसरे बड़े लोग मौजूद थे।
राज्य में जंगल और पेड़ों का कवर बढ़ाने के लिए 300 करोड़ का पेड़ लगाने का प्रोग्राम
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि राज्य में जंगल और पेड़ों का कवर बढ़ाने के लिए 300 करोड़ का पेड़ लगाने का प्रोग्राम मिशन मोड में लागू किया जाएगा और राज्य सरकार की पॉलिसी इकोलॉजिकल बैलेंस बनाए रखते हुए सस्टेनेबल डेवलपमेंट हासिल करना है। आज के दौर में डेवलपमेंट और पर्यावरण बचाने में कोई टकराव नहीं है, बल्कि दोनों चीजों को एक साथ आगे बढ़ाने की ज़रूरत है। हालांकि राज्य का डेवलपमेंट ज़रूरी है, लेकिन पर्यावरण बचाने से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।
राज्य में पेड़ों और जंगल के एरिया का हिस्सा करीब 23 परसेंट
सस्टेनेबल डेवलपमेंट और इकोलॉजिकल बैलेंस को आज की पॉलिसी बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र के इस साल के बजट में राज्य में बड़े पैमाने पर पेड़ लगाने का ऐलान किया गया है। अभी राज्य में पेड़ों और जंगल के एरिया का हिस्सा करीब 23 परसेंट है। इसे कम से कम 33 परसेंट तक बढ़ाने का मकसद है। इसके लिए करीब 250 करोड़ पेड़ों की ज़रूरत है और सुरक्षा के लिए 300 करोड़ पेड़ लगाने का टारगेट रखा गया है। यह पेड़ लगाना सिर्फ़ नंबर तक सीमित न रहे, बल्कि इसका असली असर दिखे, इसके लिए पूरे कैंपेन को क्लाइमेट, मिट्टी, लोकल हालात और लंबे समय तक चलने वाली सस्टेनेबिलिटी को ध्यान में रखकर साइंटिफिक तरीके से डिज़ाइन किया जाएगा। इस पहल में एनवायरनमेंट सेक्टर में काम करने वाले एक्सपर्ट, रिसर्चर और स्टार्टअप शामिल होंगे। इस फील्ड के स्टार्टअप के लिए जल्द ही एक अलग कॉन्फ्रेंस भी ऑर्गनाइज़ की जाएगी।
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