खाने-पीने की चीजों पर ओवरचार्जिंग, IRCTC का बड़ा एक्शन, 203 अवैध वेंडरों का ट्रेनों से उतारा गया

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Train Food Overcharge Row: ट्रेनों में वेंडर्स अक्सर खाने-पीने की चीजों पर ज्यादा कीमत वसूलते हैं। आईआरसीटीसी के वेस्टर्न जोन ने लंबी दूरी की ट्रेनों में ओवरचार्जिंग की शिकायतें बढ़ने के बाद बड़ी कार्रवाई की गई है। कॉरपोरेशन ने लंबी दूसरी की ट्रेनों से 203 अवैध वेंडर को बाहर किया है।

मुंबई: मुंबई से चलने वाली लंबी दूरी की ट्रेनों में अवैध रूप से खाना और सामान बेचने वालों के खिलाफ इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (आईआरसीटीसी) के वेस्टर्न जोन ने सख्त कार्रवाई की है। 31 जनवरी से 22 फरवरी के बीच 23 दिनों की अवधि में की गई अचानक जांच के दौरान 203 ऐसे वेंडर पकड़े गए, जिनके पास न तो पहचान पत्र था और न ही वे निर्धारित यूनिफॉर्म में थे। इसलिए इन सभी को अलग-अलग ट्रेनों से उतार दिया गया। अधिकारी ने बताया कि नवंबर 2025 से प्राइवेट कांट्रेक्टर के सभी कर्मचारियों के लिए यूनिफॉर्म और आईडी कार्ड पहनना अनिवार्य किया गया है। इसके बावजूद जांच में कई ट्रेनों में अनाधिकृत वेंडर काम करते हुए पाए गए।

शुरू किए QR कोड आधारित ID कार्ड

आईआरसीटीसी ने अधिकृत वेंडरों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए QR कोड आधारित आईडी कार्ड शुरू किए हैं। इन कार्डों से यह पता चलता है कि वेंडर अधिकृत है या नहीं। जांच के दौरान जिन 203 वेंडरों को पकड़ा गया, उनके पास वैध आईडी कार्ड नहीं थे और यूनिफॉर्म भी सही नहीं थे। सूत्रों के मुताबिक पूछताछ में इन वेंडरों ने कुछ निजी ठेकेदारों के नाम भी बताए, जिनके जरिए उन्हें काम मिला था। साथ ही ये वेंडर तय दरों से ज्यादा कीमत पर खाना, चाय, कॉफी, नाश्ता और बोतलबंद पानी बेच रहे थे। अधिकारी का कहना है कि लंबी दूरी की ट्रेनों में खाने की गुणवत्ता और कैटरिंग को लेकर मिलने वाली शिकायतों की बड़ी वजह ऐसे ही अवैध वेंडर हैं।

ब्लैकलिस्ट किए जाएंगे ठेकेदार

IRCTC ने कहा है कि हैं कि जिन तीन ठेकेदारों के नाम बार-बार सामने आए हैं, उन्हें ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है। अधिकतर मामले उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल जाने वाली ट्रेनों में सामने आए हैं। नई व्यवस्था के तहत वेंडरों की यूनिफॉर्म पर QR कोड लगाया गया है, जिसमें फ़ूड मेन्यू, तय दरें और शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर दिया गया है। वंदे भारत और राजधानी ट्रेनों के स्टाफ को नेवी ब्लू जैकेट, जबकि अन्य ट्रेनों के कर्मचारियों को हल्की नीली टी-शर्ट पहननी होगी।

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