नई दिल्ली। नेपाल में अगले पीएम के चुनाव के लिए वोटिंग के एक दिन बाद देश इतिहास रचने जा रहा है। रैपर से नेता बने बालेन शाह पीएम बनने की राह पर हैं। नेपाल की सियासत में उभरते चेहरे बालेन शाह अक्सर भारत को लेकर अपने बयानों और फैसलों की वजह से चर्चा में रहते हैं। काठमांडू के मेयर बनने के बाद बालेन ने कई ऐसे कदम उठाए, जिन्हें भारत के खिलाफ सख्त रुख के तौर पर देखा गया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सबसे बड़ा विवाद तब हुआ, जब उन्होंने अपने दफ्तर में ‘ग्रेटर नेपाल’ का नक्शा लगवाया, जिसमें यूपी, बिहार और पश्चिम बंगाल समेत भारत के कई इलाकों को नेपाल का हिस्सा दिखाया गया था। यह नक्शा भारत की नई संसद में लगे ‘अखंड भारत’ के भित्तिचित्र के जवाब के तौर पर देखा गया। बालेन शाह के इस कदम ने भारत-नेपाल संबंधों पर नई बहस छेड़ दी थी। इसके अलावा उन्होंने फिल्म ‘आदिपुरुष’ के एक डायलॉग को लेकर काठमांडू में हिंदी फिल्मों की स्क्रीनिंग पर रोक लगाने की चेतावनी भी दी थी।
रिपोर्ट के मुताबिक जून 2023 में काठमांडू के मेयर बालेंद्र शाह ने अपने ऑफिस में नेपाल का नया मैप लगाया, जिस पर भारत ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई थी। इस मैप में भारत के कई राज्यों के कुछ हिस्सों को ग्रेटर नेपाल का हिस्सा बताया गया था। जून 2023 में बालेंद्र शाह ने बॉलीवुड फिल्मों को निशाने पर लिया था। प्रभास, कृति सैनन और सैफ अली खान स्टारर फिल्म आदिपुरुष की रिलीज से यह विवाद शुरू हुआ था। फिल्म में एक डायलॉग है- सीता भारत की बेटी हैं। इस पर बालेन भड़क गए और उन्होंने इसे नेपाल की सांस्कृतिक पहचान पर हमला बता दिया था। ऐसी भी कई मान्यताएं हैं कि सीता का जन्म नेपाल के दक्षिण-पूर्व स्थित जनकपुर में हुआ था। बालेन ने कहा था कि जब तक फिल्म से डायलॉग नहीं हटाया जाता, काठमांडू में आदिपुरुष ही नहीं बल्कि कोई भी भारतीय फिल्म रिलीज नहीं होगी।



































