बीएमसी चुनाव को ठाकरे ब्रदर्स का चुनाव कहना ठीक नहीं – शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत

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News Desk
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मुंबई । शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत (Shiv Sena (UBT) leader Sanjay Raut) ने कहा कि बीएमसी चुनाव को ठाकरे ब्रदर्स का चुनाव (BMC Elections Thackeray Brothers’ Elections) कहना ठीक नहीं (It is not right to Call) ।

संजय राउत ने बृहन्मुंबई नगरपालिका (बीएमसी) के चुनाव को ठाकरे ब्रदर्स का चुनाव बताने से इनकार कर दिया। उन्होंने शनिवार को कहा कि सात वर्ष के बाद चुनाव होने जा रहे हैं। इस दौरान काफी कुछ बदला है। आप राजनीतिक स्थिति से लेकर जनसांख्यिकी स्थिति को देख लीजिए। हर जगर आपको कई बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। ऐसी स्थिति में इसे ठाकरे ब्रदर्स का चुनाव कहना ठीक नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि अगर इस चुनाव को एक परिभाषा दी जाए तो यह कहना ज्यादा मुनासिब रहेगा कि यह चुनाव जनता से जुड़ा चुनाव है। जहां पर मूल रूप से जनता के हितों को प्राथमिकता दी जाती है और उनके हितों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाता है।

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शिवसेना (यूबीटी) नेता ने मुंबई की विशेषता को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि मुंबई में एक देश बसा हुआ है, जहां पर विभिन्न प्रकार के लोग रहते हैं। यह एक प्रकार की आर्थिक राजधानी है, जहां पर आर्थिक धारा बहती है। इससे पूरे देश में विकास की बयार चौतरफा बहती है। यहां पर हमेशा से बाला साहेब ठाकरे का वर्चस्व रहा है। उन्होंने कहा कि यह कहना गलत होगा कि दोनों भाई बीएमसी चुनाव लड़ने के लिए मैदान में उतरे हैं, बल्कि यह कहना ज्यादा उचित रहेगा कि इन दोनों भाइयों ने मुंबई को बचाने का संकल्प लिया है, जिसे वो हर हाल में पूरा करके रहेंगे।

संजय राउत ने कहा कि अगर हम शिवसेना और बीएमसी चुनाव की बात करें, तो यहां पर हमें इस बात का ध्यान रखना होगा कि यहां पर विभिन्न प्रांतों के लोग रहते हैं। हर प्रांत के लोग आज की तारीख में हमारे साथ जुड़ना चाहते हैं। ऐसी स्थिति में हम इस बात को खारिज नहीं कर सकते हैं कि आगामी दिनों में महाराष्ट्र में हमारे लिए राजनीतिक स्थिति पूरी तरह से हमारे अनुकूल साबित होने जा रही है।

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शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने कहा कि यह कहना गलत नहीं होगा कि जब मुंबई की सुरक्षा का सवाल पैदा होता है, तो लोगों के जेहन में यही आता है कि जब तक शिवसेना हमारे साथ है, तब तक हमें कोई भी छू नहीं सकता। हमारी सुरक्षा में किसी को आंच नहीं आ सकती, क्योंकि हम लोगों ने हमेशा से ही मुंबई के लोगों की सुरक्षा को अपनी प्राथमिकता की सूची में शीर्ष पर रखा है। उसके साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया है, न ही आगे करेंगे।

उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है कि भाजपा के नेता अन्नामलई मुंबई में आते हैं और चुनाव प्रचार में कहते हैं कि मुंबई महाराष्ट्र के लोगों का नहीं है। यह बहुत ही दुखद स्थिति है। अफसोस की बात यह है कि अभी तक महाराष्ट्र के सीएम और डिप्टी सीएम ने इस मामले में किसी भी प्रकार का संज्ञान नहीं लिया है। हमारी मांग है कि महाराष्ट्र के सीएम को इस मामले में सामने आकर पूरी वस्तुस्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

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उन्होंने कहा कि अन्नामलई आकर कहते हैं कि मुंबई महाराष्ट्र के लोगों की नहीं है। अगर मुंबई महाराष्ट्र के लोगों की नहीं है, तो फिर किसका है। क्या ये पाकिस्तान या बांग्लादेश के लोगों का है या फिर मलेशिया के लोगों का है। अब पता नहीं अन्नामलई मुंबई है में हैं या डरकर शायद भाग गए। हमारी मांग है कि इनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होनी चाहिए। ये लोग इसी के योग्य हैं। क्या ये लोग अपने विभाजनकारी बयान के जरिए मुंबई के लोगों के बीच में फूट पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे लोगों को किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता।

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