‘PM के साथ कुछ भी हो सकता था’, मैनें उन्हें लोकसभा में न आने का किया आग्रह…’, ओम बिरला का बड़ा दावा

26
Advertisement

Parliament Session: लोकसभा में बुधवार को धन्यवाद प्रस्ताव को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का भाषण था, जो टल गया. आज गुरुवार को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने भाषण टलने पर नाराजगी जताई है. उन्होंने बताया कि विपक्ष के सांसदों ने पीएम की कुर्सी की तरफ जाने की कोशिश की थी, जिसकी वजह से उन्हें लोकसभा में न आने की सलाह दी गई. लोकसभा स्पीकर ने इसे काले धब्बे की तरह बताया.

क्या बोले लोकसभा स्पीकर?
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने सदन में कार्रवाई स्थगित होने से पहले आज गुरुवार को नाराजगी जाहिर करते हुए कहा, “कल बुधवार को कांग्रेस पार्टी के कुछ सांसदों ने पीएम की कुर्सी को घेर लिया था. देश ने देखा कि कल क्या हुआ था, कैसे सांसदों ने पीएम की कुर्सी के तरफ जाने की कोशिश की. मेरे पास इसकी गुप्त सूचना आई थी कि पीएम की कुर्सी के पास पहुंचकर कांग्रेसी सांसद कोई भी अप्रत्याशित घटना कर सकते हैं. इसके बाद हमने पीएम से आग्रह किया कि उन्हें सदन में नहीं आना चाहिए और पीएम मेरी बातों को मान गए.”

यहां भी पढ़े:  भारत ने रचा इतिहास : जापान को पछाड़ दुनिया की चौथी सबसे बड़ी ताकत बना हिंदुस्तान, लेकिन ‘आम आदमी’ के लिए ये है बड़ा सच

स्पीकर ने आगे कहा, “लोकसभा के चैंबर में कुछ कांग्रेसी सांसदों ने आकर हंगामा किया. कांग्रेस के नेतृव्य में विपक्षी सांसद पीएम के संबोधन के दौरान अव्यवस्था पैदा कर सकते थे. इसलिए राजनीतिक मतभेदों को संसद के पटल पर नहीं लाया गया है. इसके बाद कार्यवाही को स्थगित कर दिया.

विपक्षी सांसदों ने क्यों किया हंगामा?
मंगलवार को संसद की कार्यवाही के दौरान विपक्षी दल कांग्रेस के कुछ सांसदों ने स्पीकर पर पेपर उछाल दिए, जिसके बाद स्पीकर ने विपक्ष के 8 सांसदों को सदन से निलंबित कर दिया था. निलंबन के विरोध में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कई विपक्षी सांसदों ने संसद के बाहर विरोध करना शुरू कर दिया. निलंबन का विरोध संसद के अंदर भी देखने को मिला.

यहां भी पढ़े:  सूर्य देव के 12 मंत्र जो बदल सकते आपका जीवन और भर सकते ऊर्जा, आत्मबल, सफलता व सकारात्मकता

हंगामा के चलते संसद में प्रवेश नहीं किए PM मोदी
संसद में पीएम के नहीं आने पर बीजेपी सांसद मनोज तिवारी और मंडी से सांसद कंगना रनौत ने कहा कि कई बार विपक्ष के सांसदों को हमारी पार्टी के वरिष्ठ मंत्रियों ने समझाया कि अपनी जगह पर चले जाएं. क्योंकि पीएम आने वाले थे. लेकिन उन्होंने अनसुना कर दिया. बेकाबू स्थिति को देखते हुए सदन में पीएम प्रवेश नहीं कर सके. दोनो नेताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री संसद परिसर में ही मौजूद थे और जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार थे, लेकिन सदन में तनावपूर्ण माहौल और हंगामे के चलते यह संभव नहीं हो सका.

Advertisement