भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस के मौके पर टूर सर्किट का आयोजन

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भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस के मौके पर, टूरिज्म डायरेक्टरेट ने 3 से 5 दिसंबर, 2025 तक ‘डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर टूर सर्किट’ का आयोजन किया है। यह टूर सर्किट मुंबई में चैत्यभूमि आने वाले टूरिस्ट और फॉलोअर्स के लिए फ्री होगा। इस टूर सर्किट का मुख्य मकसद डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर के प्रेरणा देने वाले महान काम, उनकी बायोग्राफी और विचारों को टूरिस्ट और नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। टूरिज्म मिनिस्टर शंभूराज देसाई ने टूरिस्ट से इस टूरिज्म सर्किट का फायदा उठाने की अपील की है।(Tour circuit organised on the occasion of Mahaparinirvan Diwas of Bharat Ratna Dr. Babasaheb Ambedkar)

महाराष्ट्र टूरिज्म डायरेक्टरेट की पहल

डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर “टूरिज्म सर्किट” सिर्फ एक टूरिज्म कॉन्सेप्ट नहीं है, बल्कि भारत के लोकतंत्र की नींव रखने वाले महान व्यक्ति के विचारों को एक श्रद्धांजलि है। उनके जीवन में उनके क्रांतिकारी काम, संघर्ष और आदर्श इस सर्किट के जरिए आने वाली पीढ़ी तक पहुंचेंगे। महाराष्ट्र टूरिज्म डायरेक्टरेट की यह पहल एक प्रेरणा देने वाली यात्रा है जो इतिहास, संस्कृति और सामाजिक बदलाव को जोड़ती है। यह सर्किट फॉलोअर्स और टूरिस्ट को डॉ. बाबासाहेब की खास जगहों पर जाने और उनके विचारों को करीब से महसूस करने का मौका देगा। टूरिज्म मिनिस्टर शंभूराज देसाई ने कहा कि यह सिर्फ एक यात्रा नहीं है, बल्कि समानता, स्वतंत्रता और भाईचारे के मूल्यों का अनुभव भी है।

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टूर सर्किट में चैत्यभूमि, राजगृह, वडाला में डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर इकोनॉमिक्स एंड कॉमर्स कॉलेज, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर भवन, पराल में BIT चॉल, सिद्धार्थ कॉलेज, फोर्ट शामिल

डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर टूर सर्किट में मुंबई में चैत्यभूमि, राजगृह, वडाला में डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर इकोनॉमिक्स एंड कॉमर्स कॉलेज, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर भवन, पराल में BIT चॉल, सिद्धार्थ कॉलेज, फोर्ट शामिल हैं। इस टूर सर्किट के ज़रिए, डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर के स्पर्श से पवित्र हुई जगहों और उनके प्रेरणा देने वाले जीवन, सामाजिक बराबरी, शिक्षा और संविधान बनाने में उनके योगदान की अहमियत को सभी आम नागरिकों और टूरिस्ट तक पहुंचाया जाएगा।

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हर दिन 3 बसें उपलब्ध

टूर सर्किट के तहत हर दिन 3 बसें उपलब्ध कराई गई हैं और पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर एडमिशन दिया जाएगा। टूर में हिस्सा लेने वाले टूरिस्ट/फॉलोअर्स के लिए डायरेक्टरेट ऑफ़ टूरिज्म की तरफ से फ्री यात्रा, टूर गाइड, स्नैक्स वगैरह जैसी सुविधाएं दी जाएंगी। डायरेक्टरेट ऑफ़ टूरिज्म ने इस सर्किट को ठीक से प्लान किया है और यह टूर सर्किट टूरिस्ट को सबसे अच्छा अनुभव देने के लिए ज़रूरी होगा।

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डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर टूर सर्किट का उद्घाटन 3 दिसंबर 2025 को सुबह 9.30 बजे गणपति मंदिर, शिवाजी पार्क, वीर सावरकर नेशनल मेमोरियल के सामने होगा। यह टूर सर्किट सुबह 9.30 बजे चैत्यभूमि, दादर, मुंबई से शुरू होगा और टूर चैत्यभूमि दादर पर खत्म होगा।

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