धर्मांतरण और ब्लैकमेलिंग रैकेट का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, दुबई-मलेशिया तक फैला नेटवर्क

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News Desk
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मिर्जापुर: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मिर्जापुर के धर्मांतरण और ब्लैकमेलिंग (Conversion and blackmailing) रैकेट के मास्टरमाइंड इमरान को पुलिस ने दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया गया है. वो विदेश भागने की फिराक में था. पुलिस ने उसके सिर पर 25 हजार का इनाम घोषित किया हुआ था. लगातार उसकी तलाश की जा रही थी.

इस केस की जांच में चौंकाने वाले अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन सामने आए हैं. आजतक के पास मौजूद एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक इस पूरे नेटवर्क का अहम किरदार इमरान 27 जनवरी 2024 को दुबई गया था. जांच एजेंसियों को उसके पासपोर्ट की कॉपी भी हाथ लगी है. साल 2024 में धर्मांतरण गतिविधियों के दौरान वह विदेश यात्रा पर था.

सूत्रों के अनुसार, दुबई में इमरान ने धर्मांतरण के संगठित नेटवर्क से जुड़े कई संदिग्ध लोगों से मुलाकात की थी. इन बैठकों में न सिर्फ नेटवर्क को विस्तार देने पर चर्चा हुई, बल्कि फंडिंग को लेकर भी बातचीत हुई. इमरान की जीवनशैली और विदेश यात्राओं पर हो रहा लाखों रुपए का खर्च जांच एजेंसियों के लिए बड़ा सवाल बन गया है. यह भी खुलासा हुआ है कि इमरान केवल दुबई तक सीमित नहीं था.

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वो मलेशिया भी बार-बार जा रहा था. मलेशिया में बैठकर भी इस नेटवर्क के कुछ हिस्सों को ऑपरेट किया गया. अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि विदेशों से आने वाला पैसा किन रास्तों से भारत पहुंच रहा था. इस पूरे मामले की जड़ मिर्जापुर में चल रहे एक जिम सिंडिकेट से जुड़ी हुई है. यहां पांच जिम की चेन के जरिए अवैध धर्म परिवर्तन और ब्लैकमेलिंग का रैकेट चलाया जा रहा था.

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इस गैंग ने कम से कम 30 महिलाओं को निशाना बनाया, जिनमें से ज़्यादातर हिंदू महिलाएं थीं. ये महिलाएं फिजिकल ट्रेनिंग के लिए इन जिम से जुड़ी थीं. आरोपी पहले महिलाओं से दोस्ती करते थे, फिर उनके निजी फोटो और वीडियो हासिल करते थे. इसके बाद AI टूल्स की मदद से अश्लील कंटेंट तैयार कर पीड़ितों को ब्लैकमेल किया जाता था. उनके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी जाती थी.

इन मांगों में यौन शोषण और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव शामिल था. इस मामले में GRP हेड कांस्टेबल इरशाद खान समेत नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. गिरफ्तार आरोपियों में जिम मालिक और ट्रेनर मोहम्मद शेख अली आलम, फैज़ल खान, ज़हीर, शादाब और फरीद अहमद शामिल हैं. मुख्य आरोपी फरीद अहमद को पुलिस पर फायरिंग के बाद एक एनकाउंटर में पकड़ा गया.

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पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन से दर्जनों AI-जेनरेटेड अश्लील वीडियो, तस्वीरें और चैट बरामद की हैं. यह रैकेट 2021 से सक्रिय था और इसका मकसद सिर्फ ब्लैकमेलिंग नहीं, बल्कि तकनीक के जरिए महिलाओं का मानसिक और सामाजिक शोषण करना था. मिर्जापुर के डीएम पवन कुमार गंगवार ने जांच के दायरे में आए सभी पांच जिम को 27 फरवरी तक सील करने के आदेश दिए हैं.

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