कोझिकोड। साहित्य, विचार और वैश्विक संवाद के मंच पर वर्ष 2026 में एक ऐसा क्षण जुड़ने जा रहा है, जो इतिहास में लंबे समय तक याद किया जाएगा। नासा की प्रसिद्ध अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स को केरल लिटरेचर फेस्टिवल 2026 के लिए गेस्ट ऑफ ऑनर घोषित किया गया है। यह घोषणा होते ही साहित्यिक, वैज्ञानिक और बौद्धिक जगत में उत्साह की लहर दौड़ गई है। अंतरिक्ष की सीमाओं को लांघ चुकी सुनीता विलियम्स का भारत के सबसे प्रतिष्ठित साहित्यिक मंच पर आना केवल एक अतिथि की उपस्थिति नहीं, बल्कि विज्ञान, साहस, मानव जिज्ञासा और रचनात्मक सोच के अद्भुत संगम का प्रतीक माना जा रहा है।
कोझिकोड में आयोजित होने वाला केरल लिटरेचर फेस्टिवल दुनिया के सबसे बड़े साहित्यिक आयोजनों में गिना जाता है। आयोजक डीसी बुक्स ने सोशल मीडिया के माध्यम से सुनीता विलियम्स के शामिल होने की जानकारी साझा की और उनके स्वागत में भावनात्मक शब्दों के साथ एक पोस्ट जारी किया। पोस्ट में कहा गया कि उनका नाम अंतरिक्ष के इतिहास में दर्ज है और केरल लिटरेचर फेस्टिवल में उनकी उपस्थिति सभी के लिए एक असाधारण अनुभव होगी। आयोजकों के अनुसार सुनीता विलियम्स जैसी शख्सियत का मंच पर होना इस बात का प्रमाण है कि साहित्य केवल किताबों तक सीमित नहीं, बल्कि मानव अनुभव, साहस और खोज की हर यात्रा को अपने भीतर समेटता है।
सुनीता विलियम्स का जीवन स्वयं एक प्रेरक कथा है। अंतरिक्ष में लंबा समय बिताने वाली चुनिंदा अंतरिक्ष यात्रियों में शामिल सुनीता ने यह सिद्ध किया है कि साहस, अनुशासन और संकल्प की कोई सीमा नहीं होती। उनका केरल लिटरेचर फेस्टिवल में आना युवाओं, विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं के लिए एक दुर्लभ अवसर माना जा रहा है, जहां वे अंतरिक्ष की दुनिया, विज्ञान की चुनौतियों और मानव आत्मा की असीम संभावनाओं पर सीधे संवाद कर सकेंगे। साहित्यिक मंच पर एक अंतरिक्ष यात्री की उपस्थिति यह संदेश भी देती है कि ज्ञान की सभी धाराएं अंततः मानवता की समझ को गहरा करने का काम करती हैं।
वर्ष 2026 का केरल लिटरेचर फेस्टिवल कई मायनों में खास होने जा रहा है। इस बार जर्मनी को अतिथि राष्ट्र घोषित किया गया है, जिससे यूरोपीय साहित्य, दर्शन और समकालीन वैश्विक मुद्दों पर गहन विमर्श की संभावना और मजबूत हुई है। आयोजकों के अनुसार इस संस्करण में दुनिया भर से 500 से अधिक वक्ता हिस्सा लेंगे, जिनमें साहित्य, अर्थशास्त्र, राजनीति, कला, पर्यावरण, सिनेमा और सामाजिक आंदोलनों से जुड़े दिग्गज नाम शामिल होंगे। इस भव्य आयोजन में नोबेल पुरस्कार विजेता लेखक और विचारक भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे, जिससे यह मंच वैश्विक बौद्धिक संवाद का केंद्र बन जाएगा।
केरल लिटरेचर फेस्टिवल की पहचान हमेशा से एक खुले, लोकतांत्रिक और समावेशी मंच के रूप में रही है। कोझिकोड, जिसे भारत का पहला यूनेस्को सिटी ऑफ लिटरेचर घोषित किया गया है, हर साल इस आयोजन के दौरान विचारों का महासागर बन जाता है। समुद्र तट की पृष्ठभूमि में आयोजित होने वाला यह उत्सव केवल साहित्यिक चर्चाओं तक सीमित नहीं रहता, बल्कि सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक प्रश्नों पर भी गहन संवाद का अवसर प्रदान करता है। पिछले संस्करण में 6.5 लाख से अधिक दर्शकों की उपस्थिति ने इस आयोजन को दुनिया के सबसे बड़े साहित्यिक उत्सवों की श्रेणी में स्थापित कर दिया था।
सुनीता विलियम्स की भागीदारी से इस बार के आयोजन में विज्ञान और अंतरिक्ष के विषयों को भी एक नई दृष्टि मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि साहित्य और विज्ञान के बीच की दूरी को पाटने में यह उपस्थिति एक अहम भूमिका निभाएगी। अंतरिक्ष की चुनौतियों, पृथ्वी को देखने के बदले हुए नजरिए और मानव सभ्यता के भविष्य जैसे विषयों पर सुनीता विलियम्स के विचार श्रोताओं को न केवल प्रेरित करेंगे, बल्कि सोचने के नए आयाम भी खोलेंगे। यह पहली बार नहीं है जब केरल लिटरेचर फेस्टिवल ने परंपरागत साहित्यिक सीमाओं को तोड़ते हुए विज्ञान और वैश्विक मुद्दों को अपने मंच पर प्रमुखता दी हो, लेकिन सुनीता विलियम्स जैसी शख्सियत का आना इसे और भी ऐतिहासिक बना देता है।
आयोजकों के अनुसार इस संस्करण में साहित्यिक संवाद के साथ-साथ कला प्रदर्शन, संगीत, कविता पाठ और युवा संवाद सत्रों को भी विशेष रूप से स्थान दिया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय और भारतीय वक्ताओं की मौजूदगी से यह उत्सव एक बार फिर यह साबित करेगा कि भारत वैश्विक बौद्धिक विमर्श का एक मजबूत केंद्र बन चुका है। सुनीता विलियम्स की उपस्थिति इस विचार को और मजबूती देती है कि भारत न केवल अपनी सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है, बल्कि विज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में भी वैश्विक नेतृत्व की क्षमता रखता है।
केरल लिटरेचर फेस्टिवल 2026 को लेकर देश-विदेश में उत्सुकता का माहौल है। साहित्य प्रेमियों के साथ-साथ विज्ञान, अंतरिक्ष और नवाचार में रुचि रखने वाले लोग भी इस आयोजन की ओर आकर्षित हो रहे हैं। सुनीता विलियम्स के अनुभव और विचार उस पीढ़ी के लिए खास तौर पर प्रेरणास्रोत बन सकते हैं, जो विज्ञान और मानवता के बीच संतुलन तलाश रही है। यह आयोजन इस बात का प्रमाण बनने जा रहा है कि साहित्यिक मंच केवल शब्दों का उत्सव नहीं, बल्कि मानव सभ्यता की सामूहिक यात्रा का प्रतिबिंब भी है।
केरल लिटरेचर फेस्टिवल 2026 एक ऐसे मोड़ पर खड़ा दिखाई देता है, जहां अंतरिक्ष की ऊंचाइयों और साहित्य की गहराइयों का दुर्लभ संगम होने जा रहा है। सुनीता विलियम्स का गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में आना इस उत्सव को वैश्विक स्तर पर और भी विशिष्ट बना देगा। यह आयोजन न केवल केरल या भारत, बल्कि पूरी दुनिया के लिए यह संदेश देगा कि ज्ञान की कोई सीमा नहीं होती और जब विज्ञान, साहित्य और मानव अनुभव एक साथ आते हैं, तो वे भविष्य की नई दिशा तय करते हैं।

































