घर में दिशा विशेष में रखा बेतरतीब कबाड़ बन सकता दुर्भाग्य और समस्याओं का कारण

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आधुनिक जीवनशैली में अक्सर हम अपने घरों में अनुपयोगी वस्तुओं का ढेर लगा लेते हैं जिसे हम प्यार से कबाड़ कहते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह बेतरतीब पड़ा कबाड़ केवल घर को अव्यवस्थित ही नहीं करता बल्कि वास्तु शास्त्र के सिद्धांतों के अनुसार यह आपके जीवन में गंभीर समस्याओं और दुर्भाग्य को निमंत्रण दे सकता है? ज्योतिष एवं वास्तु विशेषज्ञों का मानना है कि घर की हर दिशा का अपना एक विशेष महत्व और ऊर्जा क्षेत्र होता है और जब उस दिशा में नकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माने जाने वाले कबाड़ को रखा जाता है तो वहां की सकारात्मक ऊर्जा अवरुद्ध हो जाती है जिसके परिणाम स्वरूप उस दिशा से संबंधित पहलुओं में परेशानियां आनी शुरू हो जाती हैं. यह कोई अंधविश्वास नहीं बल्कि सदियों पुराने भारतीय वास्तु विज्ञान का एक गहन अध्ययन है जो ऊर्जा के प्रवाह और उसके मानवीय जीवन पर पड़ने वाले प्रभावों की व्याख्या करता है.

दिशा और कबाड़ का दुर्भाग्यपूर्ण संबंध

वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार, घर की हर दिशा का संबंध किसी न किसी ग्रह, तत्व और मानवीय संबंध से होता है. जब इन दिशाओं में कबाड़ जैसी नकारात्मक ऊर्जा वाली चीजें रखी जाती हैं, तो उस दिशा से जुड़े क्षेत्रों में असंतुलन पैदा हो जाता है:

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पूर्व दिशा और पिता-पुत्र संबंध: यदि आपके घर की पूर्व दिशा में कबाड़ का ढेर लगा हुआ है, तो यह आपके परिवार में पिता और पुत्र के संबंधों को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकता है. पूर्व दिशा का संबंध सूर्य ग्रह और पिता से होता है. इस दिशा में नकारात्मकता आने से पिता-पुत्र के बीच अनावश्यक झगड़े, वैचारिक मतभेद और सम्मान में कमी आ सकती है. यह स्थिति परिवार की मुखिया के स्वास्थ्य और सामाजिक प्रतिष्ठा पर भी बुरा असर डाल सकती है.

उत्तर दिशा और धन हानि के गलत फैसले: घर की उत्तर दिशा धन और अवसरों की दिशा मानी जाती है, जिसका संबंध बुध ग्रह और कुबेर से होता है. यदि इस दिशा में कबाड़ या भारी अनुपयोगी वस्तुएं रखी जाती हैं, तो यह धन के प्रवाह को बाधित करता है. ऐसी स्थिति में व्यक्ति गलत व्यावसायिक या वित्तीय निर्णय ले सकता है, जिससे धन हानि और कर्ज की स्थिति उत्पन्न हो सकती है. नए अवसरों का आगमन रुक जाता है और आय के स्रोत प्रभावित होते हैं.

आग्नेय कोण और धन का अटकना: घर का आग्नेय कोण (दक्षिण-पूर्व) अग्नि तत्व का प्रतिनिधित्व करता है और इसका संबंध शुक्र ग्रह से होता है, जो धन और ऐश्वर्य का कारक है. इस दिशा में कबाड़ रखने से घर में आर्थिक अस्थिरता आ सकती है. विशेष रूप से, जो पैसा आने वाला होता है या जो कार्य प्रगति पर होते हैं, वे अचानक अटक जाते हैं. मेहनत का पूरा फल नहीं मिल पाता और अनावश्यक खर्चे बढ़ जाते हैं, जिससे आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता है.

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ईशान कोण और सम्मान में कमी: ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) को घर का सबसे पवित्र और शुभ कोण माना जाता है, जिसका संबंध बृहस्पति ग्रह और जल तत्व से होता है. यह दिशा ज्ञान, बुद्धि, आध्यात्मिकता और सम्मान का प्रतीक है. यदि इस दिशा में कबाड़ रखा जाता है, तो यह व्यक्ति के मान-सम्मान, प्रतिष्ठा और निर्णय लेने की क्षमता को प्रभावित करता है. घर के सदस्यों को बेवजह अपमान का सामना करना पड़ सकता है, सामाजिक दायरे में छवि खराब हो सकती है और मानसिक शांति भंग हो सकती है.

कबाड़ हटाना क्यों है जरूरी?

वास्तु विशेषज्ञों का मत है कि कबाड़ केवल स्थान ही नहीं घेरता बल्कि यह नकारात्मक ऊर्जा का संचार भी करता है. यह पुरानी, टूटी हुई और अनुपयोगी वस्तुएं अतीत की ऊर्जा को संचित रखती हैं जो वर्तमान और भविष्य की प्रगति में बाधक बनती हैं. घर में कबाड़ का ढेर मानसिक तनाव, चिड़चिड़ापन और नकारात्मक सोच को बढ़ावा देता है. यह घर के भीतर ऊर्जा के मुक्त प्रवाह को रोकता है, जिससे सकारात्मकता का प्रवेश मुश्किल हो जाता है.

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समाधान और सकारात्मकता की ओर

इस समस्या का समाधान सरल है और वह है "नियमित सफाई और त्याग". अपने घर से अनुपयोगी वस्तुओं को तुरंत हटा दें. जो चीजें टूटी-फूटी हैं या मरम्मत के लायक नहीं हैं, उन्हें फेंक दें या बेच दें. जो चीजें उपयोगी हो सकती हैं लेकिन आप इस्तेमाल नहीं कर रहे, उन्हें दान कर दें. यह न केवल आपके घर को स्वच्छ और व्यवस्थित रखेगा बल्कि सकारात्मक ऊर्जा के लिए मार्ग भी खोलेगा. खाली स्थान और व्यवस्थित सामान घर में नई ऊर्जा और खुशहाली का संचार करता है. वास्तुशास्त्र के इन सरल नियमों का पालन करके आप अपने घर को न केवल सुंदर बना सकते हैं बल्कि अपने जीवन में आने वाली कई अनचाही समस्याओं से भी मुक्ति पा सकते हैं और समृद्धि तथा शांति का मार्ग प्रशस्त कर सकते हैं. यह समझना महत्वपूर्ण है कि हमारा परिवेश सीधे तौर पर हमारे जीवन और भाग्य को प्रभावित करता है और एक स्वच्छ, व्यवस्थित तथा सकारात्मक ऊर्जा से भरा घर ही हमें जीवन के हर क्षेत्र में सफलता और खुशियां प्रदान कर सकता है.

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