होली से पहले ग्रहों की महापंचायत वैदिक और पश्चिमी ज्योतिष के अनुसार सभी 12 राशियों के जीवन में आने वाला है बड़ा तूफान

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मार्च 2026 की शुरुआत के साथ ही अंतरिक्ष में ग्रहों की एक ऐसी दुर्लभ घेराबंदी शुरू हो गई है जिसने न केवल वैदिक ज्योतिष के जानकारों बल्कि पश्चिमी ज्योतिष के विशेषज्ञों को भी गहरी चिंता और शोध में डाल दिया है. वैदिक ज्योतिष के दृष्टिकोण से देखें तो इस समय कुंभ राशि में सूर्य, बुध और राहू की त्रिग्रही युति बनी हुई है जो आने वाले चंद्रग्रहण के साथ मिलकर एक शक्तिशाली कर्मात्मक चक्र का निर्माण कर रही है. वहीं पश्चिमी ज्योतिष के अनुसार प्लूटो और यूरेनस की विशेष स्थितियां वैश्विक स्तर पर बड़े बदलावों का संकेत दे रही हैं जिसका सीधा असर मानव जीवन की 12 राशियों पर पड़ने वाला है.

 मेष राशि के जातकों के लिए शुक्र का गोचर प्रेम और सुख-सुविधाओं में वृद्धि ला रहा है लेकिन मंगल और गुरु की मिथुन राशि में युति उन्हें वाहन चलाते समय अत्यधिक सावधानी बरतने की चेतावनी दे रही है. 

वृषभ राशि वालों के लिए यह समय करियर में अप्रत्याशित उछाल का है हालांकि पश्चिमी ज्योतिष के अनुसार उन्हें अपने स्वास्थ्य और विशेषकर खान-पान पर नियंत्रण रखना होगा क्योंकि राहू की दृष्टि उनके संचित धन पर प्रभाव डाल रही है. 

मिथुन राशि के जातकों के लिए मंगल और गुरु का संयोग साहस तो देगा लेकिन यह उन्हें मानसिक रूप से थोड़ा चिड़चिड़ा भी बना सकता है जिससे परिवार में कलह की स्थिति बन सकती है. 

कर्क राशि वालों के लिए यह गोचर काफी भावुक रहने वाला है क्योंकि उनके स्वामी चंद्रमा सिंह राशि में प्रवेश कर रहे हैं जिससे उन्हें अपनी माता के स्वास्थ्य का ध्यान रखना होगा और किसी भी बड़े निवेश से इस दौरान बचना ही बुद्धिमानी होगी.

सिंह राशि के जातकों के लिए यह समय सीधे तौर पर उनके व्यक्तित्व को प्रभावित करने वाला है क्योंकि चंद्रमा का गोचर उनके लग्न भाव में हो रहा है जिससे उनके अंदर नेतृत्व की क्षमता तो बढ़ेगी लेकिन केतु के प्रभाव के कारण वे खुद को अकेला महसूस कर सकते हैं. 

कन्या राशि वालों के लिए गोचर उनके खर्चों में बढ़ोतरी के संकेत दे रहा है और पश्चिमी ज्योतिष के अनुसार उन्हें कानूनी मामलों में उलझने से बचना चाहिए अन्यथा लंबी परेशानी झेलनी पड़ सकती है. 

तुला राशि के लिए यह समय व्यापारिक दृष्टि से उत्तम है और शुक्र की अनुकूल स्थिति उन्हें नए साझेदार दिलाने में मदद करेगी परंतु शनि की मीन राशि में स्थिति उन्हें पुराने रोगों के उभरने की चेतावनी दे रही है. 

वृश्चिक राशि के जातकों के लिए यह गोचर पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि वाला साबित होगा लेकिन उन्हें अपने कार्यस्थल पर गुप्त शत्रुओं से सावधान रहने की आवश्यकता है. 

धनु राशि वालों के लिए गुरु का मंगल के साथ होना धार्मिक यात्राओं के योग बना रहा है और विदेश जाने की इच्छा रखने वाले युवाओं को इस गोचर के दौरान कोई बड़ी खुशखबरी मिल सकती है. 

मकर राशि के जातकों पर शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव अभी भी बना हुआ है जिससे उन्हें हर काम में देरी और बाधाओं का सामना करना पड़ेगा हालांकि पश्चिमी ज्योतिष का मानना है कि यह उनके धैर्य की परीक्षा का समय है जो उन्हें भविष्य के लिए मजबूत बनाएगा. 

कुंभ राशि में बैठे तीन बड़े ग्रह इस राशि के जातकों के जीवन में उथल-पुथल मचा सकते हैं इसलिए उन्हें वाणी पर संयम और विवादों से दूरी बनाए रखनी होगी. 

अंत में मीन राशि के लिए शनि का गोचर उन्हें आध्यात्मिक शांति की ओर ले जाएगा लेकिन आर्थिक रूप से यह समय थोड़ा तंग रह सकता है इसलिए बजट बनाकर चलना ही उनके लिए सर्वोत्तम उपाय होगा.

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