मुंबई में ग्लोबल मैत्री फेस्टिवल में सेवा, संस्कृति और अध्यात्म के उत्सव में हजारों लोग एकजुट!

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मुंबई (व्हाट्सएप- 6367472963). मुंबई पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित ग्लोबल मैत्री फेस्टिवल 2025 ने अपने 7वें आयोजन में विशाल जनसमूह की उपस्थिति के साथ वर्ष के सबसे बड़े संस्कृति और चेतना आधारित कार्यक्रमों में अपनी जगह बनाई. मैत्रीबोध परिवार के संस्थापक मैत्रेय दादाश्रीजी के मार्गदर्शक मौजूदगी में आयोजित इस महोत्सव ने भारत की समृद्ध संस्कृति का उत्सव मनाया और भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय का समर्थन प्राप्त करते हुए भारत की शाश्वत सांस्कृतिक पहचान को विश्व पटल तक पहुंचाने की दिशा में एक सशक्त कदम बढ़ाया.
चिंता मुक्त भारत 2032 पहल के तहत दादाश्रीजी के मुख्य संबोधन ने मानसिक स्वास्थ्य पर गहन सुखद मार्गदर्शन प्रदान किया और एकता एवं भारत की महान सनातन सांस्कृतिक मूल्यों की पुनः पुष्टि की.
उन्होंने कहा- जीवन हमारे कर्मों से आकार लेता है, चिंता मुक्त जीवन की शुरुआत अपने कर्मों के प्रति सजग होने से होती है, जब मूल सशक्त होता है, तब विचारों को दिशा मिलती है और सही कर्म स्वाभाविक रूप से प्रकट होता है.
इस अवसर पर केंद्रीय आयुष, परिवार एवं स्वास्थ्य देखभाल मंत्री प्रतापराव जाधव ने भी अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराते हुए मैत्रीबोध परिवार की इस पहल को समर्थन दिया. उन्होंने कहा- आयुष मंत्रालय केवल उपचार तक सीमित नहीं है, हमारा मुख्य उद्देश्य योग, आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा और ध्यान के माध्यम से रोकथाम और सतत मानसिक सशक्तिकरण है, जो भावनात्मक संतुलन और आंतरिक दृढ़ता के सिद्ध मार्ग हैं.
मैत्रेय दादाश्रीजी की वर्षों की शिक्षाओं और मर्गदर्शन को संकलित करते हुए ‘बियॉन्ड एनलाइटनमेंट टुवर्ड्स ट्रांसफॉर्मेशन’ पुस्तक श्रृंखला का शुभारंभ किया गया, जिसके पहले दो खंड साधकों के लिए उपलब्ध कराए गए. इस पुस्तक श्रृंखला का औपचारिक विमोचन वरिष्ठ अभिनेता जैकी श्रॉफ, स्मिता जयकर और एबीपी न्यूज़ नेटवर्क के सीनियर एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट राजीव खंडेरकर द्वारा किया गया, जो परिवर्तन की इस यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि रही.
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता (आर्थिक मामलों) एवं मैत्री कल्चरल इकोनॉमी समिट के संरक्षक गोपाल कृष्ण अग्रवाल, जो इस महोत्सव के सांस्कृतिक सहयोगी भी रहे, ने कहा- संस्कृति आधारित अर्थव्यवस्था भारत की विरासत से अपनी शक्ति प्राप्त करती है और पांच ‘पी’ से आकार लेती है- परफॉर्मेंस, पोटेंशियल, पाथ, प्लानिंग और पॉलिसी.
‘अष्ट दिशा’ नामक भव्य सांस्कृतिक प्रस्तुति ने मंच को जीवंत कर दिया, जिसमें 60 से अधिक नृत्य कलाकारों ने भारत की गहराई और विविधता को दर्शाते हुए अद्भुत प्रदर्शन किया. महोत्सव में पद्मश्री शोभना नारायण और श्रीमती रमा वैद्यनाथन जैसी प्रतिष्ठित भरतनाट्यम कलाकारों, लोकप्रिय गायिका जोनिता गांधी, तथा रंगमंच कलाकार मकरंद देशपांडे और आदिति पोखरकर की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया.
ग्लोबल मैत्री फेस्टिवल 2025 में देश और दुनिया भर से साधकों, स्वयंसेवकों, विचारकों, गणमान्य अतिथियों और परिवारों ने सहभागिता की. यह महोत्सव संस्कृति के पुनरुत्थान, मानसिक कल्याण और सामाजिक परिवर्तन के एक सशक्त मंच के रूप में अपनी पहचान को पुनः स्थापित करता है!

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