पहली बार विधायक बनीं मैथिली ठाकुर बिहार विधानसभा में उठा रहीं क्षेत्रीय मुद्दे, संसद में राजद का विशेष राज्य दर्जे को लेकर प्रदर्शन

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पटना. बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दौरान पहली बार विधायक बनीं भाजपा की मैथिली ठाकुर सक्रिय रूप से अपने विधानसभा क्षेत्र से जुड़े मुद्दों को सदन में उठा रही हैं. उन्होंने कहा कि नए विधायकों को प्रक्रिया समझाने के लिए विशेष रूप से दिशा-निर्देश दिए गए हैं और वे इन निर्देशों के तहत लगातार सवाल दाखिल कर रही हैं, ताकि अपने क्षेत्र की समस्याओं को मजबूती से सदन के सामने रखा जा सके.

सोमवार को  बातचीत में मैथिली ठाकुर ने बताया कि राज्यपाल के अभिभाषण में बिहार के विकास से जुड़े कई पहलुओं को विस्तार से रखा गया. उन्होंने कहा कि राज्यपाल ने यह बताया कि बिहार पहले कैसा था और अब किस तरह विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है. ठाकुर ने कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण में प्रस्तुत आंकड़ों की प्रति उनके पास आज भी मौजूद है, जिससे राज्य की वर्तमान स्थिति को समझने में मदद मिलती है.

मैथिली ठाकुर ने बताया कि विधानसभा की कार्यवाही, सदन की प्रक्रिया और प्रत्येक कार्यदिवस में विधायकों की भूमिका को लेकर भी विस्तार से जानकारी दी गई है. उन्होंने कहा कि इस बार बड़ी संख्या में नए विधायक चुनकर आए हैं, इसलिए उनके लिए अलग से बैठक कर नियमों और कार्यप्रणाली को समझाया गया. ठाकुर के अनुसार, सवाल दाखिल करने की प्रक्रिया को भी स्पष्ट किया गया है, क्योंकि विधायकों को कम से कम 14 दिन पहले प्रश्न प्रस्तुत करने होते हैं.

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उन्होंने कहा कि वह रोजाना सवाल दाखिल कर रही हैं और यह सुनिश्चित करना चाहती हैं कि उनके विधानसभा क्षेत्र से जुड़ा कोई भी महत्वपूर्ण मुद्दा छूट न जाए. मैथिली ठाकुर ने दोहराया कि जनता ने जिन अपेक्षाओं के साथ उन्हें चुना है, उन पर खरा उतरने के लिए वह हर मंच पर अपने क्षेत्र की आवाज उठाएंगी.

इस दौरान उन्होंने हाल ही में एक नीट अभ्यर्थी की मौत के मामले पर भी प्रतिक्रिया दी. मैथिली ठाकुर ने कहा कि पीड़ित को जल्द से जल्द न्याय मिलना चाहिए और इस मामले में गृह मंत्री सक्रिय रूप से कार्रवाई कर रहे हैं. उन्होंने भरोसा जताया कि दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे.

इधर, संसद में भी बिहार के मुद्दों को लेकर सियासी हलचल देखने को मिली. राष्ट्रीय जनता दल के सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन करते हुए बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग दोहराई. साथ ही उन्होंने राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति और नीट अभ्यर्थी की मौत के मामले को भी उठाया. राजद सांसदों का आरोप है कि केंद्रीय बजट में बिहार की लंबे समय से चली आ रही मांगों की अनदेखी की गई है.

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राजद सांसद मीसा भारती ने एएनआई से बातचीत में कहा कि बजट सत्र के दौरान बिहार से जुड़े “जलते हुए मुद्दों” को उठाने का फैसला किया गया है. उन्होंने कहा कि विशेष राज्य दर्जे की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन इस बार के बजट में भी बिहार के लिए कोई ठोस प्रावधान नहीं किया गया. मीसा भारती ने कानून-व्यवस्था की स्थिति और नीट अभ्यर्थियों से जुड़े मामलों पर भी केंद्र सरकार से जवाब और कार्रवाई की मांग की.

प्रदर्शन के दौरान राजद सांसदों ने तख्तियां लेकर नारेबाजी की और आरोप लगाया कि केंद्र सरकार बिहार की उपेक्षा कर रही है. उनका कहना था कि सामाजिक-आर्थिक चुनौतियों, कम प्रति व्यक्ति आय और प्राकृतिक आपदाओं से जूझ रहे बिहार को विशेष सहायता की जरूरत है, लेकिन इसके बावजूद बार-बार उठाई गई मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है.

गौरतलब है कि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग कई वर्षों से होती रही है. विपक्षी दलों का तर्क है कि विशेष दर्जा मिलने से राज्य को अतिरिक्त केंद्रीय सहायता मिलेगी, जिससे विकास कार्यों को गति दी जा सकेगी. इसी के साथ, राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर भी विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है.

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बजट सत्र के कार्यक्रम के अनुसार, लोकसभा में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के लिए 18 घंटे का समय तय किया गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 4 फरवरी को इस पर जवाब देंगे. वहीं, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 11 फरवरी को चर्चा का जवाब देने की संभावना है.

बजट सत्र कुल 65 दिनों में 30 बैठकों के साथ चलेगा और इसका समापन 2 अप्रैल को होगा. 13 फरवरी को संसद की कार्यवाही स्थगित होकर 9 मार्च से दोबारा शुरू होगी, ताकि स्थायी समितियां विभिन्न मंत्रालयों और विभागों की अनुदान मांगों की समीक्षा कर सकें.

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