केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए जल्द ही बड़ी राहत की खबर सामने आ सकती है। महंगाई भत्ता यानी डियरनेस अलाउंस को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं और श्रम ब्यूरो के ताजा आंकड़ों के आधार पर यह संभावना जताई जा रही है कि महंगाई भत्ता बढ़कर 60 प्रतिशत तक पहुंच सकता है। यदि ऐसा होता है तो यह लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनधारकों के लिए बड़ी खुशखबरी साबित होगी। बताया जा रहा है कि यह बढ़ोतरी 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने तक जारी रह सकती है।
वर्तमान में केंद्र सरकार के कर्मचारियों को 58 प्रतिशत महंगाई भत्ता दिया जा रहा है। श्रम ब्यूरो द्वारा जारी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक औद्योगिक श्रमिक यानी सीपीआई-आईडब्ल्यू के आंकड़ों के आधार पर महंगाई भत्ते की गणना की जाती है। हाल ही में जारी आंकड़ों के अनुसार महंगाई भत्ता सूचकांक लगभग 59.93 प्रतिशत तक पहुंच गया है। चूंकि महंगाई भत्ते को दशमलव में लागू नहीं किया जाता, इसलिए इसे राउंड ऑफ करके बढ़ाया जाता है। इसी वजह से संभावना जताई जा रही है कि महंगाई भत्ते में कम से कम 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे यह सीधे 60 प्रतिशत हो जाएगा।
महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी की घोषणा आमतौर पर साल में दो बार की जाती है। पहली बढ़ोतरी जनवरी से लागू होती है और दूसरी जुलाई से प्रभावी होती है। जनवरी 2026 से लागू होने वाली बढ़ोतरी की आधिकारिक घोषणा मार्च या अप्रैल 2026 में होने की संभावना जताई जा रही है। सरकार द्वारा औपचारिक घोषणा होते ही कर्मचारियों को बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता मिलने लगेगा और इसके साथ ही एरियर भी दिया जा सकता है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, 7वें वेतन आयोग की अवधि भले ही पूरी हो चुकी हो, लेकिन जब तक 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू नहीं होतीं, तब तक महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी की प्रक्रिया जारी रहने की उम्मीद है। महंगाई भत्ता कर्मचारियों को बढ़ती महंगाई के प्रभाव से राहत देने के लिए दिया जाता है और यह उनके वेतन का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। यही कारण है कि महंगाई भत्ते में मामूली बढ़ोतरी भी कर्मचारियों की आय पर सीधा असर डालती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि महंगाई भत्ता 60 प्रतिशत तक पहुंचता है तो कर्मचारियों की मासिक सैलरी में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिलेगी। इसका लाभ केवल कार्यरत कर्मचारियों को ही नहीं बल्कि पेंशनधारकों को भी मिलेगा, क्योंकि पेंशनधारकों को महंगाई राहत यानी डीआर भी महंगाई भत्ते के समान ही बढ़ाया जाता है। इससे लाखों सेवानिवृत्त कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति में भी सुधार आने की संभावना है।
8वें वेतन आयोग को लेकर भी कर्मचारियों के बीच काफी उत्साह और उम्मीदें बनी हुई हैं। चर्चा यह भी चल रही है कि जब 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होंगी, तब महंगाई भत्ते को मूल वेतन में विलय किया जा सकता है। हालांकि इस संबंध में अभी तक सरकार की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। वेतन आयोग लागू होने की समयसीमा को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है, लेकिन कर्मचारियों को उम्मीद है कि नए वेतन आयोग से उन्हें वेतन और भत्तों में बड़ा फायदा मिल सकता है।
महंगाई भत्ते की गणना पूरी तरह से सीपीआई-आईडब्ल्यू के आंकड़ों पर आधारित होती है, जो औद्योगिक श्रमिकों के लिए आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में बदलाव को दर्शाता है। जब महंगाई दर बढ़ती है तो कर्मचारियों को राहत देने के लिए महंगाई भत्ता भी बढ़ाया जाता है। पिछले कुछ वर्षों में लगातार बढ़ती महंगाई के कारण महंगाई भत्ते में भी नियमित रूप से बढ़ोतरी देखने को मिली है।
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि महंगाई लगातार बढ़ रही है और जीवन यापन की लागत में भारी इजाफा हुआ है। ऐसे में महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी कर्मचारियों के लिए जरूरी है। कर्मचारी संगठनों ने सरकार से यह भी मांग की है कि 8वें वेतन आयोग का गठन जल्द किया जाए ताकि कर्मचारियों को समय पर लाभ मिल सके। उनका कहना है कि वेतन आयोग में देरी होने से कर्मचारियों पर आर्थिक दबाव बढ़ सकता है।
सरकार की ओर से फिलहाल महंगाई भत्ते में संभावित बढ़ोतरी को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन श्रम ब्यूरो के आंकड़ों और पिछले ट्रेंड को देखते हुए यह माना जा रहा है कि कर्मचारियों को जल्द ही राहत मिल सकती है। आमतौर पर सरकार महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी को लेकर कैबिनेट की बैठक में फैसला लेती है और उसके बाद औपचारिक घोषणा की जाती है।
यदि महंगाई भत्ता 60 प्रतिशत तक पहुंचता है तो इसका असर केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनधारकों पर पड़ेगा। इससे उनकी क्रय शक्ति बढ़ेगी और वे बढ़ती महंगाई का सामना बेहतर तरीके से कर सकेंगे। आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि इससे बाजार में मांग भी बढ़ सकती है, जिसका असर अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक रूप से पड़ सकता है।
हालांकि कर्मचारियों की नजर अब 8वें वेतन आयोग की घोषणा पर भी टिकी हुई है। कर्मचारियों को उम्मीद है कि नया वेतन आयोग उनके वेतन ढांचे में व्यापक बदलाव ला सकता है और उन्हें बेहतर वित्तीय सुरक्षा प्रदान कर सकता है। फिलहाल सभी की नजर सरकार के अगले फैसले पर है, जिससे यह साफ हो सकेगा कि महंगाई भत्ता कब और कितना बढ़ाया जाएगा।
कुल मिलाकर महंगाई भत्ते को लेकर सामने आ रही संभावनाओं ने केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनधारकों के बीच उत्साह का माहौल बना दिया है। यदि प्रस्तावित बढ़ोतरी लागू होती है तो यह कर्मचारियों के लिए नए साल का बड़ा आर्थिक तोहफा साबित हो सकती है। अब कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को सरकार की आधिकारिक घोषणा का इंतजार है, जो आने वाले महीनों में होने की उम्मीद जताई जा रही है।





























