राजस्थान की रसोई अपनी खास पारंपरिक डिशेज़ के लिए जानी जाती है. यहाँ पानी और हरी सब्जियों की कमी के कारण लोगों ने ऐसे व्यंजन बनाए जो लंबे समय तक सुरक्षित रहें और स्वाद में भी बेहतरीन हों. इन्हीं में से एक है सांगरी की सब्जी, जो खेजड़ी के पेड़ की सूखी फलियों से बनाई जाती है.
सांगरी प्रोटीन और फाइबर से भरपूर होती है और राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों में यह एक महत्वपूर्ण खाद्य सामग्री मानी जाती है. इसका स्वाद हल्का खट्टा-तीखा होता है और इसे अक्सर केर-सांगरी के रूप में भी बनाया जाता है.
सामग्री
1 कप सूखी सांगरी
½ कप सूखी केर
3–4 बड़े चम्मच सरसों का तेल
¼ छोटा चम्मच जीरा
¼ छोटा चम्मच हींग
3–4 साबुत सूखी लाल मिर्च
3–4 साबुत लहसुन की कलियाँ
1 छोटा चम्मच हल्दी पाउडर
1–2 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर
1–2 छोटा चम्मच धनिया पाउडर
½ छोटा चम्मच सौंफ
1 छोटा चम्मच आमचूर पाउडर
स्वादानुसार नमक
वैकल्पिक सामग्री
1–2 चम्मच दही
1 चम्मच किशमिश
8–10 काजू
बनाने की विधि
1. सबसे पहले केर और सांगरी को अच्छी तरह धोकर 8 घंटे या रात भर पानी में भिगो दें, ताकि इनमें लगी रेत और धूल साफ हो जाए.
2. भिगोई हुई केर-सांगरी को कुकर में थोड़ा नमक डालकर 1–2 सीटी आने तक उबाल लें. इसके बाद पानी निकालकर फिर से साफ पानी से धो लें.
3. कढ़ाही में सरसों का तेल गरम करें. जब तेल धुआँ छोड़ने लगे तो आंच धीमी कर दें. अब इसमें हींग, जीरा, सौंफ, साबुत लहसुन और सूखी लाल मिर्च डालकर हल्का भून लें.
4. अब उबली हुई केर-सांगरी डालें और इसमें हल्दी, लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर और नमक मिलाकर अच्छी तरह चलाएँ.
5. इसके बाद इसमें आमचूर, किशमिश और दही (यदि इस्तेमाल कर रहे हों) डालें और धीमी आंच पर 6–8 मिनट तक पकाएँ, जब तक मसाले अच्छी तरह मिल न जाएँ और तेल अलग न दिखने लगे.
6. आखिर में हरी धनिया से सजाकर गरम-गरम परोसें.
परोसने का तरीका:
सांगरी की सब्जी को बाजरे की रोटी, मिस्सी रोटी या गरम फुलके के साथ परोसा जाता है. यह पारंपरिक राजस्थानी थाली का एक अहम हिस्सा है.




































