मुंबई-MMR में मजबूत होगा रेल नेटवर्क, MUTP-3B के लिए 14,907 करोड़ की मंजूरी, CM फडणवीस का ऐलान

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Maharashtra Budget 2026: मुंबई और इससे जुड़े हुए दूसरे उपमहानगरों के बीच रेलवे की कनेक्टिविटी और मजबूत होगी। महाराष्ट्र बजट 2026 में सीएम फडणवीस ने कई बड़े ऐलान किए हैं। महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई अर्बन ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट (MUTP) के लिए बड़ी राशि आंवटित की है। इसके अलवा पुणे और लोनावाला के बीच तीसरी-चौथी लाइन का ऐलान किया है। इस पर 5100 करोड़ खर्च होंगे।

मुंबई: मुंबई महानगर क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी को और बेहतर बनाने के लिए मुंबई अर्बन ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट-3B को 14,907 करोड़ रुपये की मंजूरी मिल गई है। इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में महाराष्ट्र सरकार की हिस्सेदारी करीब 50 प्रतिशत होगी। इस परियोजना के लागू होने से मुंबई और आसपास के उपनगरों में यात्रा और भी तेज और सुगम होने की उम्मीद है। MUTP-3B के तहत मुंबई महानगर क्षेत्र में लगभग 69 किलोमीटर लंबे नए उपनगरीय रेल कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे। इनमें बदलापुर से कर्जत, आसनगांव से कसारा और पनवेल से वसई के बीच नई रेल लाइनें शामिल हैं।

MMR में आवाजाही होगी आसान

इन नए कॉरिडोर के शुरू होने से मुंबई की उपनगरीय रेल सेवा का दायरा और बढ़ेगा तथा यात्रियों को वैकल्पिक और तेज़ कनेक्टिविटी मिलेगी। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को अपने बजट भाषण में इन प्रोजेक्ट का उल्लेख किया। इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य मुंबई और आसपास के तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन से जोड़ना है। इससे रोज़ाना लाखों यात्रियों को फायदा मिलेगा और मौजूदा रेल लाइनों पर बढ़ते दबाव को भी कम किया जा सकेगा।विशेष रूप से पनवेल-वसई कॉरिडोर को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे नवी मुंबई, ठाणे और पालघर जिलों के बीच सीधी रेल कनेक्टिविटी बनेगी। वहीं बदलापुर-कर्जत और आसनगांव-कसारा मार्ग के विकास से दूरदराज के उपनगरीय क्षेत्रों में रहने वाले यात्रियों के लिए यात्रा आसान होगी।

पुणे–लोनावला के बीच दो रेल लाइन को मंजूरी

पुणे-लोनावला सबअर्बन प्रोजेक्टके तहत तीसरी और चौथी रेलवे लाइन बिछाने के लिए करीब 5,100 करोड़ रुपये की लागत से योजना को स्वीकृति मिल गई है।इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य पुणे और लोणावला के बीच बढ़ते रेल ट्रैफिक को कम करना और उपनगरीय रेल सेवाओं को बेहतर बनाना है। नई तीसरी और चौथी लाइन बनने से ट्रेनों की संख्या बढ़ाई जा सकेगी और यात्रियों को अधिक सुविधाजनक और तेज यात्रा का लाभ मिलेगा। साथ ही, इससे मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों के संचालन को भी अलग-अलग तरीके से व्यवस्थित करना आसान होगा।

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