ज्योतिष विज्ञान और खगोलीय गणनाओं के आधार पर इस वक्त की सबसे बड़ी और चिंताजनक खबर उन जातकों के लिए आ रही है जिनकी राशि मीन है. ग्रहों के राजा और न्याय के देवता कहे जाने वाले शनि देव वर्तमान में मीन राशि के केंद्र में विराजमान हैं जिससे साढ़े साती का वह खतरनाक दूसरा चरण शुरू हो चुका है जिसे ज्योतिषीय भाषा में 'शिखर' या 'मध्य चरण' कहा जाता है. आकाशीय गणनाओं के अनुसार मीन राशि के जातकों को अब आने वाले साल 2028 तक अत्यंत सावधानी और धैर्य के साथ अपना जीवन व्यतीत करना होगा क्योंकि यह समय उनके लिए किसी बड़ी अग्निपरीक्षा से कम नहीं होने वाला है.
ज्योतिषियों का स्पष्ट मत है कि शनि का अपनी ही राशि पर गोचर करना मानसिक, शारीरिक और आर्थिक रूप से भारी दबाव पैदा करता है. इस अवधि में मीन राशि के लोगों को हर कदम फूंक-फूंक कर रखना होगा क्योंकि ग्रहों की चाल यह संकेत दे रही है कि अगले दो वर्षों में उनके जीवन में कई बड़े और अप्रत्याशित बदलाव आ सकते हैं. साढ़े साती का यह मध्य चरण इसलिए भी अधिक कष्टकारी माना जाता है क्योंकि इस दौरान शनि सीधे तौर पर व्यक्ति के मस्तिष्क और उसके व्यक्तित्व को प्रभावित करते हैं जिससे निर्णय लेने की क्षमता में कमी आती है और व्यक्ति भ्रम की स्थिति में रहता है.
देश भर के प्रमुख ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि 29 मार्च 2023 से शुरू हुआ यह सफर अब अपने सबसे चरम बिंदु पर पहुंच गया है और इसका पूर्ण प्रभाव 8 अगस्त 2028 तक बना रहेगा. इस लंबी अवधि में मीन राशि के जातकों को विशेष रूप से अपने स्वास्थ्य और व्यापारिक निर्णयों पर ध्यान देना होगा. रिपोर्ट बताती है कि इस दौरान कार्यस्थल पर अनावश्यक विवाद, पद प्रतिष्ठा की हानि और बनते हुए कार्यों में अचानक रुकावट आने के प्रबल योग बन रहे हैं. जो लोग साझेदारी में व्यापार कर रहे हैं या किसी बड़े निवेश की योजना बना रहे हैं.
उन्हें 2028 तक बहुत ही सतर्क रहने की आवश्यकता है क्योंकि शनि की टेढ़ी नजर संचित धन को नष्ट कर सकती है. इसके साथ ही पारिवारिक जीवन में भी कलह और अलगाव की स्थितियां पैदा होने की आशंका जताई गई है. शनि का यह गोचर केवल नकारात्मक ही नहीं होता बल्कि यह व्यक्ति के धैर्य की परीक्षा लेकर उसे सोने की तरह तपाकर कुंदन बनाने का काम भी करता है लेकिन इसके लिए जातकों को कठिन अनुशासन का पालन करना अनिवार्य होगा.
शनि की साढ़े साती का गणित (मीन राशि)
मीन राशि के लिए साढ़े साती का यह सफर तीन चरणों में बंटा हुआ है:
प्रथम चरण (आरंभ): 29 मार्च 2023 से शुरू हुआ था.
द्वितीय चरण (मध्य – वर्तमान): यह सबसे महत्वपूर्ण चरण है क्योंकि शनि देव आपकी ही राशि में बैठे हैं. इसे "भारी" इसलिए माना जाता है क्योंकि यह सीधे आपके स्वास्थ्य, मानसिकता और निर्णय लेने की क्षमता को प्रभावित करता है.
अंतिम चरण (समाप्ति): शनि जब मेष राशि में प्रवेश करेंगे, तब आपका उतरता हुआ चरण शुरू होगा. कुल मिलाकर 8 अगस्त 2028 तक मीन राशि पर साढ़े साती का पूर्ण प्रभाव रहेगा.
मीन राशि एक जल तत्व की राशि है और शनि देव वायु तत्व के प्रभाव वाले ग्रह हैं. जब जल और वायु का यह संयोग साढ़े साती के मध्य चरण में होता है तो व्यक्ति के भीतर भावनाओं का ज्वार उमड़ता है जिससे वह अवसाद और मानसिक तनाव का शिकार हो सकता है. चिकित्सा ज्योतिष के जानकारों का मानना है कि 2028 तक मीन राशि वालों को जोड़ों के दर्द, पैरों की तकलीफ और अनिद्रा जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. इस दौरान दुर्घटनाओं के भी योग बनते हैं इसलिए वाहन चलाते समय और यात्रा करते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि शनि देव की यह साढ़े साती उन लोगों पर अधिक भारी पड़ सकती है जिनकी कुंडली में शनि की स्थिति कमजोर है या जो अनैतिक कार्यों में संलिप्त हैं क्योंकि शनि न्याय के देवता हैं और वे इस अवधि में व्यक्ति के पिछले कर्मों का हिसाब-किताब चुकता करते हैं.
इस बीच राहत की खबर उन लोगों के लिए है जो पूरी ईमानदारी और मेहनत से अपना काम कर रहे हैं. ज्योतिषीय विश्लेषण में यह बात भी सामने आई है कि यदि मीन राशि के जातक इस दौरान संयम बरतते हैं और किसी भी प्रकार के शॉर्टकट से बचते हैं तो 2028 के बाद उन्हें अप्रत्याशित सफलता भी मिल सकती है. हालांकि वर्तमान समय की गंभीरता को देखते हुए धार्मिक और आध्यात्मिक उपायों पर जोर दिया जा रहा है. शनिवार के दिन शनि मंदिर में तिल के तेल का दान, हनुमान चालीसा का नियमित पाठ और असहाय लोगों की सेवा को इस "भारी" समय को काटने का सबसे अचूक हथियार बताया गया है. 2028 तक के इस कालखंड में मीन राशि वालों को कर्ज लेने और देने से भी बचने की सख्त हिदायत दी गई है क्योंकि इस समय लिया गया कर्ज लंबे समय तक मानसिक तनाव का कारण बन सकता है.
जैसे-जैसे समय आगे बढ़ रहा है लोगों में इस गोचर को लेकर बेचैनी बढ़ती जा रही है लेकिन विद्वानों का कहना है कि डरने के बजाय सतर्कता ही एकमात्र बचाव है. मीन राशि के जातकों को सलाह दी गई है कि वे अपने क्रोध पर नियंत्रण रखें और किसी भी महत्वपूर्ण दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने से पहले उसे अच्छी तरह पढ़ लें. यह 2028 तक का समय एक ऐसा दौर है जहां आपकी मेहनत का फल देरी से मिलेगा जिससे निराशा बढ़ सकती है लेकिन यही वह समय है जब आपको अपने आत्मविश्वास को डगमगाने नहीं देना है. कुल मिलाकर देखा जाए तो मीन राशि के लिए साढ़े साती का यह मध्य चरण एक बड़ी चुनौती के रूप में सामने आया है जिसकी गूंज 2028 के मध्य तक सुनाई देती रहेगी और इस दौरान किए गए कार्य और रखे गए धैर्य पर ही जातकों का भविष्य निर्भर करेगा.






























