50 की उम्र में रिटायरमेंट की सोच क्यों बढ़ रही है, जानें FIRE मूवमेंट का असर

4
Advertisement

भारत में रिटायरमेंट का पारंपरिक तरीका यही रहा है करीब 3035 साल नौकरी करो, धीरे-धीरे पैसे बचाओ और लगभग 60 साल की उम्र में रिटायर हो जाओ. लेकिन अब भारत में FIRE Movement यानी फाइनेंशियल इंडिपेंटेंड, जल्दी रिटायरमेंट के बढ़ते प्रभाव के कारण कई युवा प्रोफेशनल इस पुराने मॉडल पर सवाल उठाने लगे हैं. FIRE मूवमेंट का विचार है कि लोग अपने करियर के शुरुआती वर्षों में ही अच्छी बचत और निवेश करें, ताकि बाद में पैसा उनके लिए काम करे और उन्हें नौकरी पर पूरी तरह निर्भर न रहना पड़े. हालांकि हर किसी के लिए 4050 साल की उम्र में रिटायर होना संभव नहीं है, लेकिन इस सोच ने बचत और निवेश को लेकर नई चर्चा जरूर शुरू कर दी है.

जल्दी निवेश शुरू करना सबसे जरूरी

FIRE का सबसे बड़ा सबक है कि निवेश जितना जल्दी शुरू किया जाए उतना बेहतर होता है. मान लीजिए कोई व्यक्ति 25 साल की उम्र से हर महीने 20,000 रुपये इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश करता है और औसतन 12% रिटर्न मिलता है. तो 60 साल की उम्र तक यह रकम करीब 13 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है. लेकिन अगर वही निवेश 35 साल की उम्र से शुरू किया जाए, तो 60 साल तक यह रकम करीब 3.84 करोड़ रुपये ही बन पाएगी. यानी सिर्फ 10 साल पहले निवेश शुरू करने से करोड़ों रुपये का फर्क पड़ सकता है.

आय बढ़े तो खर्च भी उतना न बढ़ाएं

जैसे-जैसे सैलरी बढ़ती है, लोग अक्सर खर्च भी उसी हिसाब से बढ़ा देते हैं महंगे गैजेट, ज्यादा छुट्टियां या बाहर खाने पर खर्च. इसे लाइफस्टाइल इन्फ्लेशन कहा जाता है. अगर किसी की सैलरी हर महीने 10,000 रुपये बढ़ती है और वह उसमें से 5,000 रुपये निवेश कर देता है, तो 25 साल में 12% रिटर्न के साथ यह रकम करीब 9095 लाख रुपये तक बन सकती है.

ऐसे एसेट बनाएं जो आय देते रहें

FIRE का एक और अहम सिद्धांत है ऐसे निवेश बनाना जो नियमित आय दे सकें. लक्ष्य यह होता है कि भविष्य में आपकी जरूरतें आपकी निवेश आय से पूरी हो सकें. उदाहरण के लिए अगर किसी के पास 5 करोड़ रुपये का रिटायरमेंट फंड है और उसे सालाना 8% रिटर्न मिलता है, तो उसे करीब 40 लाख रुपये सालाना की आय हो सकती है.

अपना फाइनेंशियल फ्रीडम नंबर जानें

FIRE मूवमेंट कहता है कि लोगों को यह पता होना चाहिए कि उन्हें आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनने के लिए कितनी रकम चाहिए. एक आम नियम 4% Withdrawal Rule माना जाता है. इसके अनुसार अगर किसी का सालाना खर्च 12 लाख रुपये है, तो उसे लगभग 3 करोड़ रुपये का रिटायरमेंट फंड चाहिए.

कर्ज को नियंत्रण में रखें

क्रेडिट कार्ड या पर्सनल लोन जैसे ज्यादा ब्याज वाले कर्ज आपकी कमाई का बड़ा हिस्सा खा जाते हैं. इससे निवेश के लिए कम पैसा बचता है और संपत्ति बनाने की रफ्तार धीमी हो जाती है. इसलिए गैर-जरूरी कर्ज से बचना और खर्च पर नियंत्रण रखना बहुत जरूरी है.

लंबी रिटायरमेंट के लिए तैयारी करें

आजकल लोगों की उम्र बढ़ रही है, इसलिए कई लोग रिटायरमेंट के बाद 2530 साल तक जी सकते हैं. ऐसे में रिटायरमेंट फंड भी बड़ा होना चाहिए. साथ ही भविष्य की महंगाई और स्वास्थ्य खर्च को भी ध्यान में रखना जरूरी है. हर किसी के लिए जल्दी रिटायर होना संभव नहीं है, लेकिन FIRE Movement के कुछ सिद्धांत जैसे जल्दी निवेश शुरू करना, आय बढ़ने पर निवेश बढ़ाना, आय देने वाले एसेट बनाना और कर्ज कम रखना हर व्यक्ति की रिटायरमेंट योजना को मजबूत बना सकते हैं. अगर लोग इन सिद्धांतों में से कुछ भी अपनाएं, तो वे अपने भविष्य को ज्यादा सुरक्षित और आरामदायक बना सकते हैं.

Advertisement