ईरान पर हमला करके हमने दुनिया पर एहसान किया…ट्रंप ने क्यों कही ये बात

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अमेरिका और इजराइल के ईरान पर हमले के बाद से मिडिल ईस्ट में हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं. वहीं ईरान भी लगातार पलटवार कर रहा है. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान परमाणु हथियार बनाने के करीब था और हमने उस पर हमला करके दुनिया पर एहसान किया है.

शनिवार (7 मार्च) को लैटिन अमेरिकी नेताओं के शिखर सम्मेलन ‘शील्ड ऑफ द अमेरिकाज़’ (Shield of the Americas) में बोलते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान पर हमले करके अमेरिका ने दुनिया पर ‘एहसान’ किया है, और दावा किया कि इस्लामिक गणराज्य ‘परमाणु हथियार’ बनाने के करीब था.

‘3 दिनों में नौसेना के 42 जहाजों को नष्ट किया’

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा ‘ईरान में हम बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं. हमने तीन दिनों में नौसेना के 42 जहाजों को नष्ट कर दिया, जिनमें से कुछ बहुत बड़े थे. इससे नौसेना का अंत हो गया. हमने उनकी वायु सेना को भी नष्ट कर दिया. हमने उनके संचार तंत्र को ठप कर दिया, और सभी दूरसंचार व्यवस्था ठप हो गई है. मुझे नहीं पता कि वे कैसे संवाद करते हैं, लेकिन मुझे लगता है कि वे कोई न कोई तरीका निकाल लेंगे. वे परमाणु हथियार के बहुत करीब थे. अगर हमने अपना बी2 हमला, मिडनाइट हैमर, नहीं किया होता, तो उनके पास परमाणु हथियार होता उनके पास यह आठ महीने पहले ही होता.इसलिए हमने दुनिया पर एक अहसान किया है.

ईरान को ट्रंप की धमकी

इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर ईरान ने सरेंडर नहीं किया तो उस पर आज बहुत बड़ा हमला किया जाएगा. उन्होंने कहा था कि ईरान के कुछ ऐसे इलाके और लोग भी अब टारगेट पर आ सकते हैं, जिन्हें अब तक निशाना नहीं बनाया गया था. ट्रंप ने कहा कि ईरान के बर्ताव के कारण अब उन जगहों को भी पूरी तरह नष्ट करने और वहां के लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है.

‘ईरान अब मिडिल ईस्ट का दबंग देश नहीं रहा’

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर कहा कि ईरान अब मिडिल ईस्ट का दबंग देश नहीं रहा है. उनके मुताबिक ईरान अब हारने वाला देश बन चुका है. उन्होंने कहा कि जब तक ईरान सरेंडर नहीं करता या उसका शासन पूरी तरह कमजोर नहीं हो जाता, तब तक उसकी स्थिति ऐसी ही बनी रहेगी.

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