नई दिल्ली. बिटकॉइन एक बार फिर वैश्विक वित्तीय बाजारों के केंद्र में आ गया है और 2026 को लेकर इसके भविष्य पर तीखी बहस छिड़ी हुई है। तेज उतार-चढ़ाव और भारी करेक्शन के बाद अब क्रिप्टो इंडस्ट्री के दिग्गज, बैंकिंग संस्थान और निवेश विशेषज्ञ 2026 में बिटकॉइन के नए रिकॉर्ड बनाने की संभावना जता रहे हैं। कई एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर हालात अनुकूल रहे तो बिटकॉइन 150 फीसदी तक उछल सकता है और इसकी कीमत 2.25 लाख डॉलर तक पहुंच सकती है, हालांकि इस बुलिश तस्वीर के साथ जोखिम और अनिश्चितता भी बनी रहेगी।
पिछले एक साल में बिटकॉइन ने निवेशकों को जबरदस्त उतार-चढ़ाव दिखाया है। CoinMetrics के आंकड़ों के मुताबिक, अक्टूबर 2025 में बिटकॉइन 1,26,000 डॉलर से ऊपर के ऑल-टाइम हाई तक पहुंचा था, लेकिन इसके बाद मुनाफावसूली, मैक्रो अनिश्चितता और जबरन लिक्विडेशन के चलते इसमें तेज गिरावट देखने को मिली। साल के अंत तक कीमत करीब 80,000 डॉलर तक फिसल गई, जिससे यह अपने शिखर से लगभग 30 फीसदी नीचे आ गया। बीते छह महीनों में भी बिटकॉइन करीब 16 फीसदी टूट चुका है, जिसने निवेशकों के धैर्य की परीक्षा ली है।
इसके बावजूद 2026 को लेकर अनुमानों में आशावाद साफ नजर आ रहा है। CNBC की बिटकॉइन फोरकास्ट रिपोर्ट के अनुसार, अगले साल बिटकॉइन की कीमत को लेकर अनुमान बेहद व्यापक दायरे में हैं। कुछ विश्लेषक इसे करीब 17 फीसदी गिरकर 75,000 डॉलर तक जाते देख रहे हैं, जबकि दूसरी ओर कई एक्सपर्ट्स इसे 1.5 लाख से 2.25 लाख डॉलर तक पहुंचने की संभावना जता रहे हैं। यह अंतर इस बात का संकेत है कि बिटकॉइन बाजार में भरोसे और जोखिम दोनों एक साथ मौजूद हैं।
पिछली बड़ी तेजी के पीछे अमेरिकी रेगुलेटरी माहौल को अहम वजह माना जा रहा है। अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सत्ता में आने के शुरुआती महीनों में क्रिप्टो को लेकर अपेक्षाकृत सकारात्मक संकेत मिले, जिससे संस्थागत निवेशकों का भरोसा बढ़ा। बड़े बैंकों और पारंपरिक वित्तीय संस्थानों की एंट्री, साथ ही डिजिटल एसेट ट्रेजरी कंपनियों का उभार, जिन्होंने बड़े पैमाने पर बिटकॉइन खरीदा, ने कीमतों को मजबूती दी। इसी दौर में बिटकॉइन ने नए हाई बनाए।
हालांकि साल के अंत में तस्वीर बदली। वैश्विक इक्विटी बाजारों में वैल्यूएशन महंगे नजर आने लगे, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बूम को लेकर बबल की आशंका गहराई और जियोपॉलिटिकल तनाव बढ़ा। इसके साथ ही मैक्रो इकोनॉमिक अनिश्चितता और हाई लीवरेज के चलते कई क्रिप्टो निवेशकों की पोजीशन लिक्विडेट हुई, जिसने गिरावट को और तेज कर दिया। यही वजह है कि 2026 की शुरुआत बिटकॉइन के लिए चुनौतीपूर्ण माहौल में हुई है।
मैक्रो फैक्टर्स को लेकर एक्सपर्ट्स भी सतर्क हैं। Galaxy के रिसर्च हेड एलेक्स थॉर्न का कहना है कि मौजूदा निवेश माहौल काफी जटिल है। इक्विटी वैल्यूएशन ऊंचे स्तर पर हैं, वैश्विक राजनीति अस्थिर है और एआई सेक्टर में हो रहे भारी निवेश की टिकाऊपन पर सवाल उठ रहे हैं। इसके अलावा मौद्रिक नीति में संभावित बदलाव और अमेरिका के मिडटर्म चुनाव भी निवेशकों की धारणा को प्रभावित कर सकते हैं। इन सभी कारणों से बिटकॉइन में वोलैटिलिटी बने रहने की संभावना है।
फिर भी कई बड़े नाम 2026 को बिटकॉइन के लिए निर्णायक साल मान रहे हैं। यूनिवर्सिटी ऑफ ससेक्स की प्रोफेसर कैरोल अलेक्जेंडर का मानना है कि बिटकॉइन 75,000 से 1,50,000 डॉलर की हाई-वोलैटिलिटी रेंज में ट्रेड कर सकता है और औसत कीमत 1,10,000 डॉलर के आसपास रह सकती है। उनके मुताबिक बाजार धीरे-धीरे रिटेल ट्रेडिंग से हटकर संस्थागत लिक्विडिटी की ओर बढ़ रहा है, जिससे कीमतों में स्थिरता आने की संभावना है।
CoinShares के रिसर्च हेड जेम्स बटरफिल का अनुमान है कि 2026 में बिटकॉइन 1,20,000 से 1,70,000 डॉलर के बीच रह सकता है और साल के दूसरे हिस्से में बेहतर तेजी देखने को मिल सकती है। उनका कहना है कि निवेशक अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नेतृत्व में संभावित बदलाव और डिजिटल एसेट्स को लेकर रेगुलेटरी क्लैरिटी पर करीबी नजर बनाए हुए हैं। अगर क्रिप्टो से जुड़े कानूनों में स्पष्टता आती है, तो यह बिटकॉइन के लिए बड़ा सकारात्मक ट्रिगर साबित हो सकता है।
Standard Chartered ने भी बिटकॉइन को लेकर अपना बुलिश रुख बनाए रखा है। बैंक के अनुसार, 2026 में बिटकॉइन का टारगेट 1,50,000 डॉलर हो सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि डिजिटल एसेट ट्रेजरी कंपनियों की ओर से भारी खरीद अब सीमित हो सकती है, क्योंकि मौजूदा वैल्यूएशन आगे और आक्रामक खरीद को सपोर्ट नहीं करते। ऐसे में आने वाली तेजी का सबसे बड़ा सहारा बिटकॉइन ईटीएफ बन सकते हैं, जिनमें संस्थागत निवेशकों का इनफ्लो कीमतों को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकता है।
अन्य क्रिप्टो फर्म भी आशावादी हैं। Maple Finance के सीईओ सिडनी पॉवेल को उम्मीद है कि ब्याज दरों में संभावित कटौती और संस्थागत अपनाने से बिटकॉइन 1,75,000 डॉलर तक पहुंच सकता है। वहीं Bit Mining के चीफ इकोनॉमिस्ट यूवेई यांग ने सबसे व्यापक अनुमान देते हुए 75,000 से 2,25,000 डॉलर की रेंज का जिक्र किया है। Nexo का मानना है कि सप्लाई का दबाव अब कम हो रहा है और पूंजी का आधार पहले से कहीं ज्यादा मजबूत है, जिससे अनुकूल हालात में बिटकॉइन पुराने सभी रिकॉर्ड तोड़ सकता है।
कुल मिलाकर, 2026 बिटकॉइन के लिए अवसर और जोखिम दोनों लेकर आ रहा है। नई ऊंचाइयों की संभावना जरूर है, लेकिन रास्ता आसान नहीं होगा। कीमतों की दिशा काफी हद तक रेगुलेशन, ईटीएफ इनफ्लो, ब्याज दरों और वैश्विक मैक्रो फैक्टर्स पर निर्भर करेगी। ऐसे में निवेशकों के लिए यह साल बड़े मुनाफे के साथ-साथ बड़े उतार-चढ़ाव का भी साल साबित हो सकता है, जहां सतर्कता और समझदारी सबसे अहम हथियार होंगे।












