बाथरूम, जो सामान्यतः घर के साधारण हिस्सों में गिना जाता है, फेंगशुई के अनुसार घर में ऊर्जा के प्रवाह को प्रभावित करने वाला अत्यंत संवेदनशील स्थान है. विशेषज्ञों का मानना है कि घर के बाथरूम की दिशा और उसकी स्थिति सीधे घर की खुशियों, समृद्धि और स्वास्थ्य से जुड़ी होती है. खासतौर पर दक्षिण-पूर्व और उत्तर-पश्चिम दिशा में बाथरूम का निर्माण अशुभ माना जाता है. दक्षिण-पूर्व दिशा को आग का क्षेत्र कहा जाता है और यह संपत्ति और धन के साथ जुड़ी होती है. अगर इस दिशा में बाथरूम बनता है तो घर में धन और संपत्ति से जुड़ी सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बाधित हो सकता है.
उत्तर-पश्चिम दिशा भी घर में महत्वपूर्ण मानी जाती है, यह परिवार में संबंध और सामाजिक प्रतिष्ठा से जुड़ी होती है. इस दिशा में बाथरूम होने से परिवार में रिश्तों में तनाव और सामाजिक प्रतिष्ठा पर असर पड़ सकता है. फेंगशुई विशेषज्ञों के अनुसार, इन दिशाओं में बाथरूम होने पर सावधानी बरतना अत्यंत आवश्यक है. सबसे पहला और महत्वपूर्ण उपाय है कि बाथरूम हमेशा साफ-सुथरा रहे. नियमित रूप से सफाई करना नकारात्मक ऊर्जा को कम करने में सहायक होता है.
इसके अलावा, बाथरूम के टॉयलेट का ढक्कन हमेशा बंद रखना चाहिए. ऐसा करने से नकारात्मक ऊर्जा बाहर नहीं निकलती और घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है. फेंगशुई में यह माना जाता है कि खुला टॉयलेट ढक्कन नकारात्मक ऊर्जा को घर में फैलाता है, जिससे धन, स्वास्थ्य और खुशियों पर असर पड़ सकता है. टॉयलेट का ढक्कन बंद रखना एक सरल लेकिन बेहद प्रभावी उपाय है.
बाथरूम का दरवाजा हमेशा बंद रखें. यह भी नकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह को रोकने का एक तरीका है. खुला दरवाजा घर की अन्य सकारात्मक ऊर्जा को बाहर जाने देता है. विशेषज्ञों का कहना है कि बाथरूम का दरवाजा खुला रहना घर में झगड़े, तनाव और मानसिक अस्थिरता बढ़ा सकता है. वहीं, बंद दरवाजा रखने से घर में संतुलन और शांति बनी रहती है.
इसके अलावा, बाथरूम के अंदर हमेशा पानी और नल के लीकेज को रोकें. रिसाव वाले पाइप्स और टूटी हुई फिटिंग घर में धन की हानि का संकेत मानी जाती है. यह न केवल फेंगशुई के दृष्टिकोण से बल्कि सामान्य रखरखाव की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है. घर के बाथरूम में हमेशा पर्याप्त रोशनी और वेंटिलेशन होना चाहिए. अंधेरा और दम घुटा हुआ वातावरण नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करता है.
फेंगशुई विशेषज्ञ यह भी सुझाते हैं कि बाथरूम के दीवारों और फर्श का रंग हल्का और सुखदायक हो. हल्के रंग जैसे सफेद, क्रीम, पेस्टल शेड्स नकारात्मक ऊर्जा को कम करते हैं और सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाते हैं. इसके अलावा, बाथरूम में पौधों की उपस्थिति भी ऊर्जा संतुलन में मदद कर सकती है. छोटे पौधे जैसे एरोवेरा या तुलसी के पौधे बाथरूम में रखने से वातावरण में ताजगी और सकारात्मकता बनी रहती है.
विशेषज्ञों के अनुसार बाथरूम में मिरर की स्थिति भी महत्वपूर्ण है. मिरर को ऐसे स्थान पर रखें कि यह सीधे दरवाजे की ओर न दिखे. ऐसा करने से नकारात्मक ऊर्जा वापस बाहर नहीं जाती और घर में धन और सुख-शांति बनी रहती है. इसके अलावा, बाथरूम में अनावश्यक चीजें और कबाड़ इकट्ठा न करें. इससे भी ऊर्जा के प्रवाह में बाधा आती है.
अगर घर में बाथरूम की दिशा दक्षिण-पूर्व या उत्तर-पश्चिम में है, तो विशेषज्ञों का सुझाव है कि बाथरूम के बाहर लकी आइटम या प्रतीक रखें. जैसे कि छोटे पॉट्स में नमक, क्रिस्टल या हवा में तैरने वाले सजावटी आइटम सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करते हैं. बाथरूम के अंदर हमेशा एयर फ्रेशनर या खुशबू वाले डिफ्यूज़र का उपयोग करना भी ऊर्जा को संतुलित रखने में सहायक होता है.
फेंगशुई का सिद्धांत बताता है कि घर में पानी और आग के तत्वों का संतुलन बनाए रखना आवश्यक है. बाथरूम पानी का मुख्य स्रोत है और इसका गलत स्थान घर में संतुलन को बिगाड़ सकता है. इसलिए, बाथरूम की दिशा, साफ-सफाई, ढक्कन और दरवाजे की स्थिति सभी महत्वपूर्ण माने जाते हैं.
विशेषज्ञ यह भी कहते हैं कि बाथरूम के भीतर हमेशा शांति और अनुशासन बनाए रखें. इसे घर का अशुभ क्षेत्र न मानकर, एक सकारात्मक और स्वच्छ स्थान बनाने पर ध्यान दें. नियमित सफाई, अच्छा वेंटिलेशन, हल्के रंग और सजावट घर में सौभाग्य और खुशियों को बनाए रखने में मदद करती है.
निष्कर्षतः, बाथरूम केवल घर का एक साधारण हिस्सा नहीं बल्कि फेंगशुई के अनुसार घर की ऊर्जा का संवेदनशील केंद्र है. दक्षिण-पूर्व और उत्तर-पश्चिम दिशा में बाथरूम को विशेष सावधानी की आवश्यकता है. टॉयलेट का ढक्कन बंद रखना, दरवाजा बंद रखना, सफाई बनाए रखना, रिसाव रोकना, हल्के रंग और पौधों का इस्तेमाल करना—all ये छोटे लेकिन प्रभावी उपाय घर में सकारात्मक ऊर्जा और खुशहाली बनाए रखने में मदद करते हैं.
इस प्रकार, घर के बाथरूम पर ध्यान देना न केवल वास्तु या फेंगशुई के लिहाज से बल्कि परिवार के स्वास्थ्य, सुख-शांति और समृद्धि के लिए भी अत्यंत आवश्यक है. अगर सही दिशा और उचित प्रबंधन के साथ बाथरूम का उपयोग किया जाए तो यह घर में सौभाग्य और खुशियों की ऊर्जा को बढ़ाने वाला सबसे महत्वपूर्ण स्थान बन सकता है.

































